कड़ी सुरक्षा के बीच मॉस्को में रेड स्क्वायर पर विजय दिवस परेड आयोजित

कड़ी सुरक्षा के बीच मॉस्को में रेड स्क्वायर पर विजय दिवस परेड आयोजित

कड़ी सुरक्षा के बीच मॉस्को में रेड स्क्वायर पर विजय दिवस परेड आयोजित
Modified Date: May 9, 2026 / 03:29 pm IST
Published Date: May 9, 2026 3:29 pm IST

मॉस्को, नौ मई (एपी) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को यूक्रेन युद्ध में जीत का भरोसा जताते हुए मॉस्को के ‘रेड स्क्वायर’ में द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की विजय की वर्षगांठ पर आयोजित सैन्य परेड की अगुवाई की।

मॉस्को में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुतिन के साथ कई विदेशी नेता भी परेड में शामिल हुए। अमेरिका की मध्यस्थता से हुए तीन दिन के युद्धविराम के कारण यूक्रेन द्वारा समारोह में बाधा डालने की आशंकाएं कुछ कम हुईं।

पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से सत्ता में बने पुतिन ने विजय दिवस को रूस की सैन्य ताकत दिखाने और यूक्रेन में चल रही सैन्य कार्रवाई के समर्थन को मजबूत करने के मंच के रूप में इस्तेमाल किया है। यह युद्ध अब पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है।

परेड को संबोधित करते हुए पुतिन ने यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रूसी सेना ‘‘उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) समर्थित आक्रामक ताकत’’ का सामना कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘जीत हमेशा हमारी थी और आगे भी हमारी ही रहेगी। हमारी नैतिक शक्ति, साहस, एकता और हर चुनौती से लड़ने की क्षमता ही सफलता की कुंजी है।’’

हालांकि इस बार लगभग दो दशकों में पहली बार परेड में टैंक, मिसाइल और अन्य भारी हथियार शामिल नहीं किए गए। केवल लड़ाकू विमानों की पारंपरिक उड़ान दिखाई गई।

अधिकारियों ने इसका कारण मौजूदा सुरक्षा स्थिति और यूक्रेनी हमलों के खतरे को बताया।

रूस ने शुक्रवार और शनिवार के लिए एकतरफा युद्धविराम घोषित किया था, जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने छह मई से संघर्षविराम लागू करने की बात कही थी, लेकिन दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले जारी रखने का आरोप लगाते रहे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि रूस और यूक्रेन ने उनके अनुरोध पर शनिवार से सोमवार तक युद्धविराम और कैदियों की अदला-बदली पर सहमति जताई है।

इस बीच रूस ने चेतावनी दी कि यदि यूक्रेन ने विजय दिवस समारोह में बाधा डालने की कोशिश की तो कीव पर ‘‘बड़ा मिसाइल हमला’’ किया जाएगा।

रूस की सेना यूक्रेन में धीरे-धीरे बढ़त बना रही है, जबकि यूक्रेन भी लंबी दूरी के ड्रोन हमलों से रूसी ऊर्जा प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।

एपी गोला सुरेश

सुरेश


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