ईरान युद्ध पर शरीफ का सोशल मीडिया पोस्ट तैयार करने में व्हाइट हाउस सीधे शामिल था : मीडिया रिपोर्ट

ईरान युद्ध पर शरीफ का सोशल मीडिया पोस्ट तैयार करने में व्हाइट हाउस सीधे शामिल था : मीडिया रिपोर्ट

ईरान युद्ध पर शरीफ का सोशल मीडिया पोस्ट तैयार करने में व्हाइट हाउस सीधे शामिल था : मीडिया रिपोर्ट
Modified Date: April 10, 2026 / 10:17 pm IST
Published Date: April 10, 2026 10:17 pm IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, 10 अप्रैल (भाषा) व्हाइट हाउस ईरान युद्ध पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के उस सोशल मीडिया पोस्ट को तैयार करने में “सीधे तौर पर शामिल था”, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से तेहरान के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और हमले रोकने के लिए निर्धारित सात अप्रैल की समय सीमा को दो हफ्ते बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ में प्रकाशित खबर में कहा गया है, “व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय) शरीफ की ओर से मंगलवार को ‘एक्स’ पर साझा किए गए पोस्ट को तैयार करने में सीधे तौर पर शामिल था।”

इस पोस्ट में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा था, “पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान के लिए राजनयिक प्रयास लगातार, मजबूती से और प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ रहे हैं, जिनमें निकट भविष्य में ठोस नतीजे हासिल करने की क्षमता है।”

उन्होंने लिखा था, “मैं कूटनीतिक प्रयासों के लिए राष्ट्रपति ट्रंप से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि वे समय सीमा को दो हफ्ते के लिए बढ़ा दें।”

पोस्ट में शरीफ ने ईरान से सद्भावना के प्रतीक के रूप में दो हफ्ते की अवधि के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का भी अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा था, “हम सभी युद्धरत पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे दो सप्ताह के लिए हर जगह युद्ध-विराम का पालन करें, ताकि कूटनीति के माध्यम से युद्ध का निर्णायक अंत हो सके, जो क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता के हित में है।”

अमेरिका और ईरान बुधवार को दो हफ्ते के सशर्त युद्ध-विराम पर सहमत हुए। दोनों देश युद्ध-विराम को स्थायी शांति में तब्दील करने के उपायों पर चर्चा के लिए शनिवार को इस्लामाबाद में बातचीत करेंगे।

खबर में कहा गया है कि ईरानी सभ्यता को समाप्त करने की ट्रंप की धमकी पर अमल की समय सीमा नजदीक आ रही थी और “पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच युद्ध-विराम का रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा था।”

इसमें कहा गया है, “इसलिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया का सहारा लिया।” उन्होंने अपने पोस्ट में ट्रंप और अन्य शीर्ष सलाहकारों को टैग किया।

खबर के अनुसार, शरीफ ने मंगलवार दोपहर को जारी पोस्ट में “ट्रंप जैसी भाषा” का इस्तेमाल किया।

इसमें घटनाक्रम से वाकिफ एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि शरीफ के पोस्ट जारी करने से पहले ही व्हाइट हाउस ने इसे देख लिया था और इस पर अपनी सहमति दे दी थी।

खबर में कहा गया है, “और इससे यह पता चलता है कि भले ही ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमत नहीं होने पर ईरान की सभ्यता को नष्ट करने की धमकी दे रहे थे, लेकिन व्हाइट हाउस मंगलवार को समय सीमा नजदीक आने के साथ ही संकट से बाहर निकलने का सक्रिय रूप से रास्ता तलाश रहा था।”

हालांकि, खबर में स्पष्ट किया गया कि व्हाइट हाउस अधिकारी ने शरीफ का पोस्ट ट्रंप द्वारा लिखे जाने की अटकलों को खारिज कर दिया।

भाषा पारुल दिलीप

दिलीप


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