मैं बहुत ज्यादा गोरी हूं.. इसलिए कंपनी ने इंटरव्यू में रिजेक्ट किया, टीम में मतभेद होने का दिया हवाला

Company rejected because of fair complexion: इंटरव्‍यू में रिजेक्‍ट हुई लड़की ने अपना ये अनुभव लिंक्डइन पोस्ट में शेयर किया है, इसके साथ ही उसने वो स्‍क्रीनशार्ट भी शेयर किया है जिस मेल के जरिए उसे रिजेक्‍ट किया गया है।

मैं बहुत ज्यादा गोरी हूं.. इसलिए कंपनी ने इंटरव्यू में रिजेक्ट किया, टीम में मतभेद होने का दिया हवाला
Modified Date: July 27, 2023 / 10:57 am IST
Published Date: July 27, 2023 10:55 am IST

Company rejected because of fair complexion: बेंगलुरू की रहने वाली एक लड़की को ज्यादा गोरे रंग के कारण कंपनी ने इंटरव्‍यू के बाद रिजेक्‍ट कर दिया। सुनने में आपको जरूर लग रहा होगा कि कंपनियां नौकरी पर व्यक्ति की काबलियत के आधार पर रखती है और रिजेक्‍ट करती है, लेकिन ऐसा मामला शायद आपने कभी नहीं सुना होगा।

आपको बता दें कि कि गोरे होने के कारण इंटरव्‍यू में रिजेक्‍ट हुई लड़की ने अपना ये अनुभव लिंक्डइन पोस्ट में शेयर किया है, इसके साथ ही उसने वो स्‍क्रीनशार्ट भी शेयर किया है जिस मेल के जरिए उसे रिजेक्‍ट किया गया है।

बेंगलुरु की इस लड़की का दावा है कि नौकरी के लिए इंटरव्यू के लॉस्‍ट राउंड के बाद उसे इसलिए रिजेक्ट कर दिया गया क्योंकि उसकी त्वचा का रंग ‘बहुत गोरा’ था। रिजेक्‍ट किए जाने के कंपनी के मेल का स्क्रीनशॉट उसने शेयर किया जिसमें कहा गया था कि यह निर्णय टीम के भीतर मतभेदों से बचने के लिए आपको सलेक्‍ट नहीं किया गया है।

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अपने अनुभव को शेयर करते हुए लड़की ने लिखा ‘दुनिया भर में जहां कौशल के आधार पर अवसर को बढ़ावा दिया जा रहा है और एसआई के जरिए सीखने की अपार संभावनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है और एडवांस और असाधारण तकनीकें बना रहे हैं और फिर लोगों को काम पर नहीं रख रहे हैं क्योंकि हम अभी भी वही समाज हैं जो द्वेष और पूर्वाग्रह रखते हैं।

महिला ने आगे लिखा कॉरपोरेट सेक्‍टर inclusion और बराबरी के अवसर का डंका पीटते हैं लेकिन दुनिया अभी भी रंग, धर्म और अन्य मानदंडों के आधार पर लोगों का मूल्‍यांकन कर रही है। उन्‍होंने लिखा मैं कंपनी का नाम नहीं बताऊंगी लेकिन अन्य संगठनों से अपने वर्क कल्‍चर को ठीक करने और प्रतिभा, कौशल और क्षमता वाले लोगों को अवसर देने की गुजारिश की। महिला ने ये भी बताया कि कंपनी के सभी मापदंड़ों पर खरी उतरने के बावजूद तीन बार इंटरव्‍यू लिया गया और एसाइन्‍मेंट भी करवाया गया लेकिन बाद में मैं गोरी हूं इसलिए मुझे रिजेक्‍ट कर दिया।

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ईमेल में कंपनी ने लिखा ‘हमारे साथ इंटरव्‍यू और पूरे प्रोसेस के दौरान धैर्य बनाए रखने के लिए थैंक्‍यू, दुर्भाग्‍य से इस समय हम इस पोस्‍ट पर आपको रख नहीं सकते। हमने आपके प्रोफाइल को प्रासंगिक पाया और आप हमारी कंपनी के उन सभी पैरामीटर पर खरी उतरती है जैसी हमें इस पोस्‍ट के लिए काबलियम की जरूरत थी। आगे लिखा हमारी कंपनी सभी के लिए समान अवसर में विश्वास करते हैं। अंत में निष्कर्ष निकाला गया है कि आपकी त्वचा का रंग वर्तमान टीम के लिए थोड़ा गोरा है, इसलिए हम अपनी आंतरिक टीम में मतभेद नहीं चाहते हैं, और हमने आपको सलेक्‍ट नहीं करने का निर्णय लिया है।’


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com