चौकाने वाला दावा, माउथवॉश से कुल्ला करने पर कोरोना का खतरा होगा कम

चौकाने वाला दावा, माउथवॉश से कुल्ला करने पर कोरोना का खतरा होगा कम

चौकाने वाला दावा, माउथवॉश से कुल्ला करने पर कोरोना का खतरा होगा कम
Modified Date: November 29, 2022 / 08:44 pm IST
Published Date: August 13, 2020 9:26 am IST

बर्लिन। कोरोना वायरस की दहशत के बीच एक अध्ययन में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस को बाजार में उपलब्ध माउथवॉश के इस्तेमाल से निष्क्रिय किया जा सकता है। हालांकि, यह पद्धति कोरोना संक्रमण से बचाव और उपचार में समक्ष नहीं है।

पढ़ें- 67,000 नए कोरोना पॉजिटिव के साथ देश में संक्रमितों की संख्या 23 लाख 96 हजार के पार, 942 ने तोड़ा दम

जर्नल ऑफ इंफेक्शस डिजीजेज में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक इन उत्पादों से कुल्ला करने से मुंह और गले में मौजूद वायरल कण घट सकते हैं और संभवत। कुछ समय के लिए कोविड-19 के प्रसार के जोखिम को कम कर सकते हैं।

पढ़ें- करीना कपूर ने दी गुड न्यूज, दूसरी बार बनने वाली हैं…

जर्मनी के रुह्र यूनिवर्सिटी बोचम के अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक कोविड-19 के कुछ मरीजों के गले और मुंह में वायरस के कण या वायरल लोड की अत्यधिक मात्रा देखने को मिल सकती है। उनका मानना है कि अध्ययन के परिणाम संक्रमण के इस तरीके के जोखिम को घटाने में मदद कर सकते हैं और संभवत, दंत चिकित्सा के लिए प्रोटोकॉल विकसित करने में मददगार हो सकते हैं।

पढ़ें- ब्यूटी विद ब्रेन, जानिए IPS नवजोत सिमी के बारे में,

अध्ययन में आगाह किया गया है कि माउथवॉश कोरोना संक्रमण के इलाज के लिए उपर्युक्त नहीं हैं और न ही ये कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाते हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि परिणाम, उस विचार का समर्थन करते हैं कि कुल्ला करने से लार में वायरस के कण घटते हैं और इससे सार्स-सीओवी-2 का प्रसार घट सकता है। यह अध्ययन हुआ है।

 


लेखक के बारे में