जनगणना की सटीकता पर ही राष्ट्र एवं राज्य की नीतियों का होता है निर्माण : बिहार के मुख्य सचिव
जनगणना की सटीकता पर ही राष्ट्र एवं राज्य की नीतियों का होता है निर्माण : बिहार के मुख्य सचिव
पटना, 23 फरवरी (भाषा) बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सोमवार को कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है और इसकी सटीकता पर ही राष्ट्र एवं राज्य की नीतियों का निर्माण निर्भर करता है।
मुख्य सचिव पटना में ‘भारत की जनगणना 2027’ को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से आयोजित राज्यस्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कोविड के कारण यह महत्वपूर्ण कार्य समय पर संपन्न नहीं हो सका था, लेकिन अब 15 वर्षों के बाद इसकी औपचारिक शुरुआत हो चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता अत्यंत आवश्यक है। इसलिए इसे पूरी टीम भावना, पारदर्शिता और सटीकता के साथ पूरा किया जाए।’’
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि यह देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप तथा ‘सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम’ (सीएमएमएस) के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे डेटा संकलन अधिक तेज, पारदर्शी और विश्वसनीय होगा।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव एवं राज्य समन्वयक सी.के. अनिल ने कहा कि पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके बाद मोबाइल ऐप के माध्यम से स्व-गणना की प्रक्रिया इस साल 17 अप्रैल से एक मई तक होगी, जबकि घर-घर भौतिक सर्वेक्षण का कार्य दो से 31 मई के बीच संपन्न किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस दौरान नागरिकों से कुल 33 प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे, जो मकान, परिवार, बुनियादी सुविधाओं और घरेलू उपकरणों की उपलब्धता से संबंधित होंगे।
बिहार में जनगणना निदेशालय के निदेशक एम. रामचंद्रुडू ने प्रशिक्षण सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए जनगणना की पूरी प्रक्रिया और रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
सम्मेलन में अधिकारियों को जनगणना कार्य को समयबद्ध, त्रुटिरहित और तकनीकी रूप से दक्ष तरीके से पूरा करने का संकल्प दिलाया गया।
भाषा कैलाश खारी
खारी

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