बिहार में घरेलू गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता, उपभोक्ताओं से घबराने या भीड़ न लगाने की अपील
बिहार में घरेलू गैस सिलेंडर की पर्याप्त उपलब्धता, उपभोक्ताओं से घबराने या भीड़ न लगाने की अपील
पटना, 11 मार्च (भाषा) वर्तमान घरेलू ईंधन संकट की स्थिति को देखते हुए बुधवार को पेट्रोलियम एजेंसियों ने बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि बिहार में घरेलू उपयोग के लिए रसोई गैस सिलेंडर का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
अधिकारियों ने आम उपभोक्ताओं से घबराने या गैस एजेंसियों के पास अनावश्यक रूप से भीड़ नहीं लगाने की अपील की है।
अधिकारियों के अनुसार, उपभोक्ताओं की सुविधा तथा गैस वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से भारत सरकार ने यह व्यवस्था लागू की है कि किसी भी घरेलू उपभोक्ता को अंतिम गैस सिलेंडर की आपूर्ति के 25 दिन बाद ही नए गैस सिलेंडर की बुकिंग करने की अनुमति होगी। बुकिंग दर्ज होने के बाद दो से तीन दिनों के भीतर घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा घरेलू गैस आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा सके।
विभाग ने कहा कि आम जनता के हित में घरेलू गैस वितरण प्रणाली को सुचारु और पारदर्शी बनाए रखने के लिए लगातार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें, गैस वितरकों के यहां अनावश्यक भीड़ न लगाएं और भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें।
इससे पहले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को कहा कि लोगों को रसोई गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रयास कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि ईंधन की कालाबाजारी रोकने के लिए बिहार सरकार कार्रवाई कर रही है।
चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, “स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने अधिकारियों को विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं। सरकार ने घरेलू गैस उत्पादन में 10 प्रतिशत वृद्धि का भी आदेश दिया है।”
केंद्र सरकार ने घरों और परिवहन क्षेत्र में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव करते हुए एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से आपूर्ति होने वाली रसोई गैस को प्राथमिकता दी है।
चौधरी ने कहा, “लोगों को एलपीजी सिलेंडर की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मौजूदा एलपीजी आपूर्ति संकट को ‘विशेष स्थिति’ बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया संकट करीब दो सप्ताह से जारी है। यह एक विशेष स्थिति है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस तरह इस मुद्दे को संभाल रहे हैं वह सराहनीय है।”
सरावगी ने कहा कि बिहार सरकार ने भी जिला अधिकारियों को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि एलपीजी सिलेंडर की कोई कमी न हो और जमाखोरी या कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
इस बीच पटना, कैमूर, मोतिहारी और दरभंगा सहित कई जिलों में लोग एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए गैस एजेंसियों के बाहर कतार में खड़े दिखाई दिए। वितरकों का कहना है कि आपूर्ति कम होने की अफवाहों के कारण बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंच रहे हैं।
सस बीच पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एलपीजी सिलेंडरों की कथित कमी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदेशर कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष परवेज़ हसन ने केंद्र सरकार से मौजूदा भंडार (स्टॉक) के बारे में पारदर्शी आंकड़े जारी करने की मांग की।
उन्होंने कहा, “सरकार कहती है कि कोई कमी नहीं है। अगर कमी नहीं है तो फिर वाणिज्यिक और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के रिफिल के लिए 25 दिन का अंतराल घोषित करने वाली अधिसूचना क्यों जारी की गई? खासकर वाणिज्यिक सिलेंडर को तो हर दूसरे या तीसरे दिन रिफिल करने की आवश्यकता होती है।”
इस बीच, पटना, कैमूर, मोतिहारी और दरभंगा सहित कई जिलों में लोग रसोई गैस एजेंसियों के बाहर एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए कतार में खड़े दिखाई दिए। वहीं वितरकों का कहना है कि कम आपूर्ति की अफवाहों के कारण घबराहट में बड़ी संख्या में ग्राहक एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं।
उधर, पटना में पत्रकारों से बात करते हुए बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने स्वीकार किया कि एलपीजी सिलेंडरों की कमी “एक समस्या” है।
उन्होंने कहा, “समस्या है और राज्य सरकार इसे लेकर काफी संवेदनशील है। मुख्य सचिव के नेतृत्व में लगातार बैठकें और विचार-विमर्श किए जा रहे हैं।”
डीजीपी ने कहा कि इस समस्या के कुछ पहलू ऐसे हैं जो “हमारे नियंत्रण में नहीं हैं”, लेकिन यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि “कोई गंभीर स्थिति न बने और लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी होती रहें।”
‘होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ ईस्टर्न इंडिया’ की सहायक प्रबंधक संघमित्रा मुखर्जी ने कहा कि संगठन ने एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में व्यवधान से भोजनालयों पर पड़ रहे असर को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।
उन्होंने कहा, “हमें कुछ समय इंतजार करना होगा। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय को पत्र भेजा है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।”
मुखर्जी ने दावा किया कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि और कमी से आतिथ्य क्षेत्र पर बड़ा असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा, “छोटे-बड़े भोजनालयों, होटलों और रेस्तरां में लगभग सात करोड़ लोग काम करते हैं। समाधान नहीं निकला तो वे प्रभावित होंगे। मंत्रालय से जवाब मिलने के बाद हम आगे की कार्रवाई करेंगे।”
भाषा कैलाश
राजकुमार
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