पटना में ‘इमारतों के भीतर वायु प्रदूषण’ अध्ययन किया जाएगा

पटना में ‘इमारतों के भीतर वायु प्रदूषण’ अध्ययन किया जाएगा

पटना में ‘इमारतों के भीतर वायु प्रदूषण’ अध्ययन किया जाएगा
Modified Date: July 21, 2024 / 04:42 pm IST
Published Date: July 21, 2024 4:42 pm IST

पटना, 21 जुलाई (भाषा) बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (बीएसपीसीबी) ने पटना में घरों/इमारतों के भीतर वायु प्रदूषकों के प्रकार, उनके प्रभावों की पहचान करने और इसे कम करने के लिए सुधारात्मक उपाय सुझाने के वास्ते अध्ययन करने का निर्णय लिया है।

बीएसपीसीबी के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शुक्ला ने पीटीआई-भाषा से कहा कि यह अध्ययन सबसे पहले पटना में किया जाएगा और उसके बाद गया, मुजफ्फरपुर तथा राज्य के कुछ अन्य शहरों में किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने घरों/इमारतों के भीतर वायु प्रदूषकों के प्रकार, उनके प्रभावों की पहचान करने और इसे कम करने के लिए सुधारात्मक उपाय सुझाने के वास्ते पटना में अध्ययन करने के लिए आईआईटी, तिरुपति के साथ बातचीत शुरू की है। बिहार शायद भारत का पहला राज्य है जिसने घरों/इमारतों के भीतर वायु प्रदूषण अध्ययन कराने का फैसला किया है और इसकी शुरुआत सबसे पहले पटना से होगी।’

शुक्ला ने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), तिरुपति के साथ उनकी बातचीत जल्द ही पूरी होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, “घर के अंदर वायु प्रदूषकों के प्रकारों की पहचान करने के लिए वायु गुणवत्ता अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है। लोगों को अपने घरों के अंदर प्रदूषण के स्तर के बारे में पता होना चाहिए। शहर को विभिन्न छोटे क्षेत्रों में विभाजित करके अध्ययन किया जाएगा…और आधुनिक एवं सटीक तकनीकों का उपयोग करके घरों/इमारतों के भीतर वायु प्रदूषण अध्ययन के लिए प्रत्येक क्षेत्र से कुछ घरों का चयन किया जाएगा।”

बीएसपीसीबी अध्यक्ष ने कहा, “वायु प्रदूषण को ज्यादातर बाहरी चिंता के रूप में माना जाता है, लेकिन अध्ययनों से पता चलता है कि घर के अंदर की हवा भी प्रदूषित हो सकती है…कभी-कभी तो बाहर की हवा से भी ज्यादा।”

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि पटना हाल ही में देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक के रूप में उभरा है, इसलिए हम इस अध्ययन की शुरुआत सबसे पहले पटना से करेंगे।’’

शुक्ला ने कहा कि घर के अंदर वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सबसे अधिक प्रभावित समूह महिलाएं और छोटे बच्चे हैं क्योंकि वे अधिकतम समय घर पर ही बिताते हैं। घर के अंदर वायु प्रदूषक श्वसन संक्रमण, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस और कई अन्य बीमारियों का कारण बन सकते हैं।’’

शुक्ला ने कहा कि राज्य में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए बीएसपीसीबी पहले से ही कई उपाय कर रहा है।

बिहार के विभिन्न शहरों में विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में खराब वायु गुणवत्ता की समस्या अकसर बनी रहती है।

भाषा अनवर

नेत्रपाल

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