बिहार में गरीबों के आशियाने तोड़ने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाए : चिराग

बिहार में गरीबों के आशियाने तोड़ने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाए : चिराग

बिहार में गरीबों के आशियाने तोड़ने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाए : चिराग
Modified Date: April 27, 2026 / 05:54 pm IST
Published Date: April 27, 2026 5:54 pm IST

पटना, 27 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को बिहार की सम्राट चौधरी सरकार से आग्रह किया कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत जिन गरीब लोगों के आवास ध्वस्त किए जाने हों, उन्हें पहले ‘‘वैकल्पिक’’ स्थान उपलब्ध कराया जाए।

चिराग ने यहां पत्रकारों से बातचीत में यह उम्मीद जताई कि जो लोग उस भूमि पर अपने वैध स्वामित्व का प्रमाण दे सकते हैं, जिस पर उनके मकान बने हैं, उनके साथ ‘‘कोई अन्याय’’ नहीं होगा।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता ने राज्य में इस महीने की शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार बनने के बाद तेज हुए ‘‘बुलडोजर कार्रवाई’’ पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, “लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की अपेक्षा है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान में गरीबों को कष्ट न हो। सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करे, लेकिन उससे पहले उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए।”

उन्होंने कहा, “जिस भूमि का मामला है, यदि कोई व्यक्ति उसका वैध स्वामी है, तो उसके साथ कोई अन्याय नहीं होना चाहिए।”

विपक्षी दलों जैसे राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) लिबरेशन का आरोप है कि सम्राट चौधरी, जो बिहार में सरकार का नेतृत्व करने वाले पहले भाजपा नेता हैं, अपने उत्तर प्रदेश के समकक्ष योगी आदित्यनाथ के ‘‘बुलडोजर राज’’ से प्रेरणा ले रहे हैं।

हालांकि, सम्राट चौधरी ने कहा है कि ‘‘सुंदर और समृद्ध बिहार’’ के निर्माण के लिए सख्त कदम जरूरी हैं। उन्होंने दावा किया कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत ‘‘मेरे अपने घर की सीढ़ियां तक तोड़ी गई हैं।’’

भाषा कैलाश

रंजन

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