Police Constable Resigns: कॉकरोच पार्टी के समर्थन में सरकारी नौकरी छोड़ी.. पुलिस के कॉन्स्टेबल ने लिया भगत सिंह का नाम और दे दिया इस्तीफा, देखें वीडियो
Police Constable Resigns in Support of CJP: नीट आंदोलन के बीच कॉन्स्टेबल ने इस्तीफा दिया, सरकार-सीजेपी वार्ता, परीक्षा सुधार और फास्ट ट्रैक कोर्ट पर चर्चा तेज।
Uttarakhand Police Constable Resigns in Support of CJP || Image- The Siyasat Daily
- सीजेपी समर्थन में पुलिस कॉन्स्टेबल ने मंच से इस्तीफा दिया।
- सरकार और सीजेपी प्रतिनिधियों के बीच दो घंटे वार्ता हुई।
- पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट लाने की तैयारी।
नई दिल्ली: नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर राजधानी दिल्ली समेत देशभर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। (Police Constable Resigns in Support of CJP) इस वक्त देश की जनमानस दो धड़ों में बंटी हुई नजर आ रही है। इनमें से एक धड़ा कॉकरोच जनता पार्टी का खुलकर समर्थन करता नजर आ रहा है, जबकि दूसरे सरकार समर्थित धड़े का दावा है कि यह आंदोलन पूरी तरह से असामाजिक तत्वों के हाथों में चला गया है, जो लगातार हिंसा और अराजकता फैला रहे हैं।
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मारपीट के वीडियो
इसकी सबसे बड़ी वजह सीजेपी का संसद मार्च और जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन भी है। यहां आंदोलनकारियों का सीधा टकराव दिल्ली पुलिस से हो गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए, जिनमें प्रदर्शनकारी पुलिस के जवानों पर, तो सुरक्षाकर्मी आंदोलनकारियों की पिटाई करते नजर आ रहे थे।
बहरहाल, इस बीच आंदोलन से जुड़ी एक और अनोखी तस्वीर सामने आई है। यहां सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके के सामने ही एक पुलिस के आरक्षक ने इस आंदोलन के समर्थन में सेवा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने मंच पर ही अपनी वर्दी के बैज निकाले और भगत सिंह का जिक्र किया। (Police Constable Resigns in Support of CJP) इस दौरान मंच के नीचे हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे। सेवा से इस्तीफा देने वाले पुलिस आरक्षक का नाम शेर सिंह बताया जा रहा है। वह उत्तराखंड पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर थे।
An Uttarakhand constable, Sher Singh resigned from his official duties and handed his resignation letter directly to CJP founder Abhijeet Dipke to support the students’ protest. pic.twitter.com/3gBfWGrn4m
— The Siasat Daily (@TheSiasatDaily) July 24, 2026
सरकार-सीजेपी के बीच करीब दो घंटे चली बैठक
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सीजेपी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। करीब दो घंटे चली इस बैठक में परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार ने डेलिगेशन को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और शनिवार दोपहर फिर बैठक होगी।
सीजेपी की सरकार से तीन मांगें, पांच सुझाव
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने बताया कि सीजेपी की ओर से तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा सुधार के लिए पांच सुझाव रखे गए। उन्होंने कहा कि सरकार इन सभी बिंदुओं पर चर्चा कर रही है। शनिवार को दोबारा बैठक होगी और सरकार अपना पक्ष बताएगी। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। (Police Constable Resigns in Support of CJP) वहीं, सीजेपी की तरफ से मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका शामिल हुए। बैठक दिल्ली के विठ्ठल पटेल हाउस में हुई।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े
सीजेपी ने सरकार के साथ बातचीत के लिए दो शर्तें रखी थीं। पहली, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। दूसरी, परीक्षा गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। बताया गया कि सरकार ने इन दोनों मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया, जिसके बाद बातचीत शुरू हुई। हालांकि, सीजेपी अब भी अपनी मुख्य मांग पर कायम है। संगठन का कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
CJP LEADER SOURAV DAS –
“Now, We also demand withdrawal of the FIRs.
Govt positive on compensation for (NEET suicide) victims’ families.
But Most non negotiable demand is Dharmendra Pradhan being fired from cabinet” pic.twitter.com/oISIF2XmpK
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) July 24, 2026
वांगचुक ने खत्म किया अनशन
इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी 26 दिन से चल रहा अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नीट परीक्षा और देश की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर लिखित आश्वासन दिया है। वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ आंदोलन से जुड़े अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि पहले सरकार की ओर से केवल मौखिक भरोसा दिया गया था, लेकिन उन्होंने लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही अनशन खत्म करने का फैसला लिया।
#WATCH | Activist Sonam Wangchuk breaks his hunger strike in the presence of Union Health Minister JP Nadda and Minister of State for the Prime Minister’s Office, Dr Jitendra Singh, at the Medanta hospital. pic.twitter.com/CNtP0eMgv2
— ANI (@ANI) July 24, 2026
फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी परीक्षा पेपर लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही एक विधेयक लाएगी, जिसमें पेपर लीक जैसे मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रावधान होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए पेपर लीक बेहद दर्दनाक घटना है। उन्होंने बताया कि सरकार ने कम समय में लगभग 22 लाख छात्रों की परीक्षाएं दोबारा कराईं और हाल ही में उनके परिणाम भी घोषित कर दिए गए। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
PM Modi releases a video and says “More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet!”
Prime Minister Narendra Modi says, “… Numerous effective measures have been taken in the past two and a half months since the paper leak incident. The culprits have been… pic.twitter.com/Hw0u0ChZww
— ANI (@ANI) July 23, 2026
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