बिहार मंत्रिमंडल ने 72,901 करोड़ रुपये ऋण लेने को दी मंजूरी, महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत वृद्धि

बिहार मंत्रिमंडल ने 72,901 करोड़ रुपये ऋण लेने को दी मंजूरी, महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत वृद्धि

बिहार मंत्रिमंडल ने 72,901 करोड़ रुपये ऋण लेने को दी मंजूरी, महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत वृद्धि
Modified Date: May 13, 2026 / 12:17 pm IST
Published Date: May 13, 2026 12:17 pm IST

पटना, 13 मई (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य सरकार को 72,901 करोड़ रुपये तक ऋण लेने की अनुमति प्रदान की गई, जिसमें 64,141 करोड़ रुपये का बाजार ऋण शामिल हैं। इस राशि से राज्य में विभिन्न तरह की विकास योजनाओं पर खर्च की जाएगी।

मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में वृद्धि को भी स्वीकृति दी। सप्तम केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना के तहत कार्यरत कर्मचारियों का डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, छठे वेतनमान के कर्मियों का डीए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत तथा पांचवें वेतनमान के कर्मियों का डीए 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत किया गया है। यह वृद्धि एक जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।

सरकार ने कहा कि महंगाई भत्ते में वृद्धि का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की क्रय शक्ति को बनाए रखना है।

मंत्रिमंडल ने राज्य के पांच संवेदनशील जिलों—पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान—में ‘पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण)’ के पांच नए पद सृजित करने को भी मंजूरी दी। सूत्रों के अनुसार, इन जिलों में ग्रामीण क्षेत्रों की निगरानी मजबूत करने और कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

बैठक में बिहार नगरपालिका योजना सेवा संवर्ग के लिए नई वेतन संरचना को स्वीकृति दी गई। इसके तहत सहायक नगरपालिका योजना पदाधिकारी (अराजपत्रित) को लेवल-6 तथा नगरपालिका योजना पदाधिकारी (प्रथम प्रोन्नति स्तर, राजपत्रित) को लेवल-7 का वेतनमान मिलेगा।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने पटना जिले के बिहटा स्थित सिकंदरपुर क्लस्टर में मेसर्स नीफ प्राइवेट लिमिटेड को डेयरी प्लांट स्थापना के लिए 9,717.60 लाख रुपये के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी। प्रस्तावित इकाई में प्रतिदिन 84 हजार लीटर फुल क्रीम दूध और 36 हजार लीटर टोन्ड दूध का उत्पादन होगा। इससे 170 कुशल और अकुशल कामगारों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

इसके अलावा, वैशाली जिले में औद्योगिक क्षेत्र विस्तार के लिए अधिग्रहित 1,243.45 एकड़ भूमि में से 100 एकड़ भूमि भारत सरकार को राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटीईएम) परिसर की स्थापना के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय युवाओं को फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

मंत्रिमंडल ने पश्चिम चंपारण जिले के पिपरासी और भितहा तथा मुंगेर जिले के टेटिया बम्बर प्रखंड में नए डिग्री कॉलेज खोलने को भी मंजूरी दी। इन संस्थानों के संचालन के लिए कुल 132 पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई।

भाषा कैलाश

मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में