बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जयंती पर नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी
बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जयंती पर नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी
पटना, 21 सितंबर (भाषा) बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिवंगत नेता भोला पासवान शास्त्री की 121वीं जयंती पर सोमवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचकर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित समारोह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अनुसूचित जाति विभाग के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने शास्त्री के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री केंद्रीय मंत्री, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सामाजिक न्याय के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले नेता थे।
गौतम ने कहा कि 1970 के दशक में शास्त्री के मुख्यमंत्री कार्यकाल की सबसे बड़ी पहचान मुंगेरी लाल आयोग रही, जिसने पहली बार सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की सिफारिश की थी।
कार्यक्रम में बिहार कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष रवींद्र पासवान भी मौजूद थे। उन्होंने शास्त्री को ‘भारत रत्न’ से अलंकृत किए जाने, उनके नाम पर संग्रहालय बनाए जाने और प्रमुख स्थान पर उनकी प्रतिमा लगाए जाने की मांग दोहराई।
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश मुख्यालय में भी शास्त्री की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ने हमेशा भोला पासवान शास्त्री के आदर्शों का अनुसरण करते हुए दलित उत्थान के लिए काम किया है।
भाषा
कैलाश पारुल
पारुल

Facebook


