बिहार के मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष की निंदा की

बिहार के मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष की निंदा की

बिहार के मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष की निंदा की
Modified Date: April 19, 2026 / 04:31 pm IST
Published Date: April 19, 2026 4:31 pm IST

(फोटो के साथ)

पटना, 19 अप्रैल (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का समर्थन नहीं करने के लिए रविवार को विपक्ष की आलोचना की।

पटना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चौधरी ने संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने के दिन को ‘‘काला दिन’’ बताया और कहा ‘‘कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों ने महिला आरक्षण का मजाक उड़ाया’’।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं बिहार की माताओं और बहनों को आश्वस्त करने के लिए इस संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहा हूं कि इन विपक्षी दलों को अपने किए की कीमत चुकानी पड़ेगी। हमारी पार्टी की महिला कार्यकर्ता इस मुद्दे पर सड़कों पर उतरने वाली हैं।’’

भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी ने शनिवार को घोषणा की थी कि भाजपा की महिला शाखा सोमवार को 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर विपक्ष के रुख के विरोध में ‘‘आक्रोश मोर्चा’’ निकालेगी।

संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान वाला नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में भारी बहुमत से पारित हो गया था, हालांकि 131वें संविधान संशोधन विधेयक का गैर-राजग दलों ने विरोध किया। विपक्षी दलों के नेता आशंका जता रहे थे कि आरक्षण को परिसीमन से जोड़ा जा रहा है और उन्हें संदेह था कि सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ‘गैर-बराबरी वाला चुनावी क्षेत्र निर्धारित’ करना चाहता है।

एक सप्ताह से भी कम समय पहले सत्ता संभालने वाले चौधरी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि बिहार में पंचायतों और स्थानीय निकायों में पहले से ही महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं को सशक्त बनाया है। नीतीश कुमार अब राज्यसभा सदस्य हैं और उससे पहले वह 20 वर्षों तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे।

मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताए बिना आरोप लगाया, ‘‘इसके विपरीत, कांग्रेस और बिहार में उसके सहयोगी राजद (राष्ट्रीय जनता दल) ने बिहार में अपने शासनकाल के दौरान महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। ये पार्टियां पंडित नेहरू के नक्शेकदम पर चल रही हैं, जिन्होंने हमेशा प्रगतिशील कदमों में बाधा डालने की कोशिश की।’’

भाषा सुरभि दिलीप

दिलीप


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