Chhattisgrh Police Shaurya Chakra: देशभर में बढ़ा छत्तीसगढ़ पुलिस का मान.. थाना प्रभारी और निरीक्षक को राष्ट्रपति ने ‘शौर्य चक्र’ से किया सम्मानित, इस मोर्चे पर उत्कृष्ट योगदान पर मिला सम्मान

Chhattisgrh Police Shaurya Chakra Award 2026: छत्तीसगढ़ पुलिस के दो इंस्पेक्टरों को सफल एंटी-नक्सल अभियान में वीरता के लिए शौर्य चक्र मिला।

Chhattisgrh Police Shaurya Chakra: देशभर में बढ़ा छत्तीसगढ़ पुलिस का मान.. थाना प्रभारी और निरीक्षक को राष्ट्रपति ने ‘शौर्य चक्र’ से किया सम्मानित, इस मोर्चे पर उत्कृष्ट योगदान पर मिला सम्मान

Chhattisgrh Police Shaurya Chakra Award 2026 || Image- PTI/ANI and AI Generated File

Modified Date: June 8, 2026 / 07:44 pm IST
Published Date: June 8, 2026 7:44 pm IST
HIGHLIGHTS
  • इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और रामेश्वर देशमुख को शौर्य चक्र सम्मान।
  • दोनों अधिकारियों ने बड़े एंटी-नक्सल अभियान का नेतृत्व किया था।
  • तीन घंटे की मुठभेड़ में जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला।

नई दिल्ली: राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह-1 में वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट और इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। (Chhattisgrh Police Shaurya Chakra Award 2026) दोनों अधिकारियों ने 16 अप्रैल 2024 को एक बड़े एंटी-नक्सल अभियान का नेतृत्व किया था।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

किया था भीषण मुठभेड़ का नेतृत्व

अभियान के दौरान नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया, जिससे लगभग 200 जवानों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दोनों अधिकारियों ने तुरंत रणनीति बनाते हुए तीन घंटे से अधिक समय तक चली भीषण मुठभेड़ का नेतृत्व किया। इस दौरान चार जवान घायल हो गए, लेकिन उन्होंने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए घायल साथियों को सुरक्षित बाहर निकाला। अभियान में कई नक्सली मारे गए और इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े तथा सफल एंटी-नक्सल अभियानों में से एक माना जाता है।

इन्हें भी मिला शौर्य चक्र सम्मान

मेजर आदित्य प्रताप सिंह (राजपूताना राइफल्स/44 असम राइफल्स)

अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में घुसपैठ और बड़े हमले की सूचना पर ऑपरेशन शुरू किया।
72 घंटे तक लगातार निगरानी कर उग्रवादियों का पता लगाया।
महज 30 मीटर की दूरी से हुई भीषण गोलीबारी के बीच अकेले मोर्चा संभाला।
अपनी जान की परवाह किए बिना मोस्ट वांटेड उग्रवादी को मार गिराया।
अदम्य साहस और राष्ट्र सेवा के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित।

मेजर आशीष कुमार (पैरा रेजिमेंट)

2 नवंबर 2020 को आतंकियों के संभावित मार्ग पर निगरानी के दौरान दो सशस्त्र आतंकियों की पहचान की।
भारी गोलीबारी के बावजूद दोनों आतंकवादियों को ढेर किया।
मारे गए आतंकियों में एक A++ श्रेणी का कुख्यात आतंकी भी शामिल था।
असाधारण वीरता और नेतृत्व के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित।

सिपाही जीडी संजय तिवारी और सिपाही फिदा हुसैन डार (CRPF)

2 नवंबर 2024 को श्रीनगर के खनियार इलाके में विदेशी आतंकी के छिपे होने की सूचना पर कार्रवाई।
दोनों जवानों ने बिना देर किए मकान को घेर लिया।
आतंकी की गोलीबारी और ग्रेनेड हमले में घायल होने के बावजूद ऑपरेशन जारी रखा।
नजदीकी मुकाबले में विदेशी आतंकी को मार गिराया।
असाधारण वीरता के लिए सिपाही जीडी संजय तिवारी को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

इन्हें भी पढ़ें:-

मुझे तो यह भी नहीं पता एलआईसी का दफ्तर कहां है, खुदरा शेयरधारकों को लाभ ही होगा: राजेश एक्सपोर्ट्स

विधान परिषद चुनाव: पवन सिंह, निशांत कुमार समेत राजग के नौ उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन

बिहार में सड़क हादसे में आंध्र प्रदेश के तीन तीर्थयात्रियों की मौत पर नायडू ने शोक जताया

निशानेबाजी चयन ट्रायल: महिला 25मीटर पिस्टल में राही शीर्ष, मनु दूसरे पायदान पर

फिलीपीन में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया; 19 लोगों की मौत, सुनामी की लहरें उठीं


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

A journey of 10 years of extraordinary journalism.. a struggling experience, opportunity to work with big names like Dainik Bhaskar and Navbharat, priority given to public concerns, currently with IBC24 Raipur for three years, future journey unknown