बिहार: नीट प्रदर्शन में हिंसा भड़काने के आरोप में भाकपा(माले) विधायक संदीप सौरभ गिरफ्तार

बिहार: नीट प्रदर्शन में हिंसा भड़काने के आरोप में भाकपा(माले) विधायक संदीप सौरभ गिरफ्तार

बिहार: नीट प्रदर्शन में हिंसा भड़काने के आरोप में भाकपा(माले) विधायक संदीप सौरभ गिरफ्तार
Modified Date: July 24, 2026 / 11:39 pm IST
Published Date: July 24, 2026 11:39 pm IST

पटना, 24 जुलाई (भाषा) नीट पेपर लीक के विरोध में दो दिन पहले पटना में हुए हिंसक प्रदर्शन के संबंध में भाकपा (माले) के विधायक संदीप सौरभ को कथित तौर पर ‘‘हिंसा भड़काने” के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

सौरभ ने 22 जुलाई को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। यह प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसमें भाजपा नेताओं पर हमला किया गया और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की गई थी।

इस मामले में सौरभ की भूमिका को लेकर बिहार विधानसभा में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायकों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और उन पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था।

मेडिकल प्रवेश परीक्षा में पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पटना में हुए प्रदर्शन के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को जहानाबाद, दरभंगा, कटिहार, बेगूसराय तथा राज्य के कई अन्य जिलों में प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, बैरिकेड तोड़े तथा सरकारी एवं रेलवे की संपत्तियों में तोड़फोड़ की।

इन प्रदर्शनों के सिलसिले में बृहस्पतिवार को विभिन्न जिलों से 114 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि शुक्रवार को कम से कम 32 और लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इस बीच, बिहार सरकार ने शुक्रवार को जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को नीट पेपर लीक को लेकर हो रहे प्रदर्शनों से संवेदनशीलता और सावधानी के साथ निपटने का निर्देश दिया।

अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था कायम रखते हुए यह सुनिश्चित करने को भी कहा गया कि निर्दोष छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

ये निर्देश बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में दिए गए, जिसमें पटना और अन्य प्रदर्शन प्रभावित जिलों की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई।

यह निर्देश ऐसे समय में जारी किए गए हैं, जब आईसा और अन्य छात्र संगठनों ने शनिवार को बिहार बंद का आह्वान किया है।

बिहार सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नीट पेपर लीक को लेकर हो रहे प्रदर्शनों से संवेदनशीलता के साथ निपटें, आपसी समन्वय बनाए रखें और कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए यह सुनिश्चित करें कि निर्दोष छात्रों को परेशान नहीं किया जाए।

अमृत ने अधिकारियों को अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं का तत्काल आधिकारिक माध्यमों से खंडन करने का भी निर्देश दिया और कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन ने अधिकारियों से कहा कि वे छात्रों के साथ सहानुभूतिपूर्ण संवाद के जरिए स्थिति का समाधान निकालने का प्रयास करें और ‘‘आक्रामक” रवैया अपनाने से बचें।

पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने अधिकारियों को सभी जिलों में दंगा नियंत्रण उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करने का निर्देश दिया।

उन्होंने अधिकारियों से कोचिंग संस्थानों से ऑनलाइन और ऑफलाइन उपस्थिति का लिखित ब्योरा प्राप्त करने को भी कहा, ताकि मौजूदा प्रदर्शनों में उनकी किसी संभावित भूमिका की जांच की जा सके।

कुंदन कृष्णन ने पुलिस अधिकारियों को अंबेडकर छात्रावासों और आंबेडकर छात्र मंचों का दौरा कर छात्रों से संवाद करने तथा उनकी शिकायतों और भ्रांतियों का समाधान करने का निर्देश दिया।

इस बीच, पटना के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने हिंसा की आशंका के मद्देनजर तैयारियों का जायजा लेने के लिए पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन का दौरा किया।

भाषा कैलाश आशीष

आशीष


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