बिहार क्रिकेट संघ ने पटना में विश्वस्तरीय क्रिकेट परिसर निर्माण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

बिहार क्रिकेट संघ ने पटना में विश्वस्तरीय क्रिकेट परिसर निर्माण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

बिहार क्रिकेट संघ ने पटना में विश्वस्तरीय क्रिकेट परिसर निर्माण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए
Modified Date: January 30, 2026 / 09:08 pm IST
Published Date: January 30, 2026 9:08 pm IST

पटना, 30 जनवरी (भाषा) बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) ने पटना में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिसर (आईसीसी) के निर्माण के लिए एक वाणिज्यिक निर्माण प्रबंधन कंपनी के साथ 498 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

प्रस्तावित आईसीसी लगभग 25 से 30 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिसमें “अंतरराष्ट्रीय मानकों की सुविधाएं” होंगी।

बीसीए के अध्यक्ष हर्ष वर्धन ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “यह परियोजना बिहार में क्रिकेट विकास के लिए संघ की दीर्घकालिक दृष्टि को दर्शाती है। इस परिसर से भविष्य में राज्य की बड़े टूर्नामेंटों की मेजबानी करने की क्षमता मजबूत होगी।”

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासीय, प्रशिक्षण और अभ्यास सुविधाएं विकसित करने को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि प्रतिभाओं को निखारने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

बीसीए के सचिव जियाउल आरफीन ने भी कहा कि यह परिसर बिहार क्रिकेट के भविष्य के लिए एक मजबूत आधार बनेगा।

उन्होंने कहा, “यह परियोजना निर्धारित समयसीमा के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी और इससे बिहार के खिलाड़ियों को राज्य के भीतर ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।”

बीसीए द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस परियोजना में मुख्य क्रिकेट स्टेडियम, आधुनिक पवेलियन, अभ्यास विकेट, इनडोर प्रशिक्षण सुविधाएं, खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम, मीडिया सेंटर, प्रशासनिक ढांचा और लगभग 300 खिलाड़ियों के लिए आवासीय सुविधाएं शामिल हैं।

परियोजना के तहत खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, फिटनेस कार्यक्रमों और मैच की तैयारी को समर्थन देने के लिए 12 से 16 पिचों का निर्माण किया जाएगा।

इस अवसर पर उस निर्माण कंपनी, सिवान्श इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड (एसआईडीपीएल), के प्रतिनिधि भी मौजूद थे, जिसके साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

भाषा

कैलाश

रवि कांत


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