बिहार विद्युत विनियामक आयोग सभी श्रेणियों में प्रति यूनिट 35 पैसे की वृद्धि का प्रस्ताव खारिज किया

बिहार विद्युत विनियामक आयोग सभी श्रेणियों में प्रति यूनिट 35 पैसे की वृद्धि का प्रस्ताव खारिज किया

बिहार विद्युत विनियामक आयोग सभी श्रेणियों में प्रति यूनिट 35 पैसे की वृद्धि का प्रस्ताव खारिज किया
Modified Date: March 18, 2026 / 10:35 pm IST
Published Date: March 18, 2026 10:35 pm IST

पटना, 18 मार्च (भाषा) बिहार विद्युत विनियामक आयोग (बीईआरसी) ने राज्य के 2.22 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए बुधवार को घोषणा की कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सभी श्रेणियों में बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी।

आयोग ने दोनों वितरण कंपनियों ‘नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड’ (एनबीपीडीसीएल) और ‘साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड’ (एसबीपीडीसीएल) द्वारा सभी श्रेणियों में प्रति यूनिट 35 पैसे की वृद्धि के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

आयोग के अध्यक्ष आमिर सुब्हानी और सदस्य परशुराम सिंह यादव तथा अरुण कुमार सिन्हा की पूर्ण पीठ ने वितरण कंपनियों और अन्य विद्युत कंपनियों- ट्रांसमिशन कंपनी, बिहार ग्रिड कंपनी और एसएलडीसी- की याचिकाओं पर वित्त वर्ष 2026-27 के लिए शुल्क आदेश जारी किया।

सुब्हानी ने आदेश जारी करने के बाद पत्रकारों से कहा, “बिजली कंपनियों द्वारा सभी उपभोक्ता श्रेणियों के लिए प्रति यूनिट 35 पैसे की वृद्धि का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया है। आगामी वित्त वर्ष से बिजली दरों में कोई वृद्धि नहीं होगी।”

नयी दरें एक अप्रैल 2026 से लागू होंगी और 31 मार्च 2027 या आयोग के अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगी।

राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना’ के तहत 1.86 करोड़ उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध करा रही है। इस योजना से शहरी उपभोक्ताओं को प्रति माह लगभग 550 रुपये तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 125 यूनिट तक खपत करने वालों को करीब 306 रुपये की बचत हो रही है।

भाषा कैलाश जोहेब

जोहेब


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