बिहार सरकार ने संविदा चिकित्सा शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टर का मानदेय बढ़ाया

बिहार सरकार ने संविदा चिकित्सा शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टर का मानदेय बढ़ाया

बिहार सरकार ने संविदा चिकित्सा शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टर का मानदेय बढ़ाया
Modified Date: September 9, 2026 / 04:36 pm IST
Published Date: September 9, 2026 4:36 pm IST

पटना, नौ सितंबर (भाषा) बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों में कार्यरत संविदा चिकित्सा शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टर के मासिक मानदेय में वृद्धि की है।

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने बुधवार को पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानदेय बढ़ाने का स्वास्थ्य विभाग का निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करेगा।

स्वास्थ्य विभाग के एक बयान के अनुसार, संविदा प्रोफेसर का मासिक मानदेय 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.07 लाख रुपये कर दिया गया है। बयान के अनुसार इसी प्रकार, एसोसिएट प्रोफेसर का मानदेय 1.35 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.55 लाख रुपये तथा असिस्टेंट प्रोफेसर का मानदेय 1.10 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।

बयान के अनुसार, सीनियर रेजिडेंट एवं ट्यूटर का मानदेय बढ़ाकर 1.15 लाख रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जबकि जूनियर रेजिडेंट का मानदेय 65,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।

कुशवाहा ने कहा कि यह वृद्धि चिकित्सा शिक्षकों और रेजिडेंट डॉक्टर के राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में योगदान को मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत चिकित्सकों का मनोबल बढ़ेगा और सरकारी चिकित्सा संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार होगा।

भाषा कैलाश अमित

अमित


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