बिहार: तेजस्वी ने राशन विक्रेताओं के मुद्दो को हल करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा

बिहार: तेजस्वी ने राशन विक्रेताओं के मुद्दो को हल करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा

बिहार: तेजस्वी ने राशन विक्रेताओं के मुद्दो को हल करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा
Modified Date: September 9, 2026 / 03:04 pm IST
Published Date: September 9, 2026 3:04 pm IST

पटना, नौ सितंबर (भाषा) बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार से उचित मूल्य की दुकान के विक्रेताओं के मुद्दों को हल करने और उनके हित में वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की बुधवार को अपील की।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने इस संबंध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लिखा पत्र ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा, ‘‘मैंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर संगठित भ्रष्टाचार, रिकॉर्ड महंगाई और सरकार की उदासीनता से परेशान राशन विक्रेताओं की मांगों को उठाया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ राशन विक्रेताओं के हितों और व्यवस्था सुधार के लिए अविलंब उनकी मांगों को सुन, समस्याओं का समाधान करना चाहिए।’’

पत्र के अनुसार, प्रमुख मांगों में प्रत्येक डीलर को प्रतिमाह 30,000 रुपये का न्यूनतम निश्चित मानदेय देना, अनुकंपा नियुक्ति की समयसीमा समाप्त करना, लंबित कमीशन का तत्काल भुगतान तथा बिहार राज्य खाद्य निगम (बीएसएफसी) के गोदामों में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना शामिल हैं।

इसके अलावा तेजस्वी यादव ने पत्र में तौल-माप सहित तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) व्यवस्था में दंडात्मक कार्रवाई पर रोक तथा विक्रेताओं की शिकायतों के निपटारे के लिए जिला और प्रखंड स्तर पर प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने की मांग भी की गई है।

पत्र में सरकार, विभागीय अधिकारियों और उचित मूल्य विक्रेता संघ के प्रतिनिधियों के बीच नियमित त्रिपक्षीय बैठकें आयोजित कर विक्रेताओं की समस्याओं का स्थायी समाधान करने की भी मांग की गई है।

तेजस्वी ने पत्र में कहा, “मैं आग्रह करता हूं कि इन आठ सूत्री मांगों पर शीघ्र, सकारात्मक और समयबद्ध निर्णय लिया जाए। मुझे उम्मीद है कि बिहार सरकार पीडीएस विक्रेताओं की जायज मांगों पर संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ विचार करेगी।”

भाषा कैलाश

मनीषा खारी

खारी


लेखक के बारे में