बिहार: नीतीश कुमार के जद(यू) प्रमुख चुने जाने के बाद पार्टी नेता, कार्यकर्ता जश्न में डूबे

बिहार: नीतीश कुमार के जद(यू) प्रमुख चुने जाने के बाद पार्टी नेता, कार्यकर्ता जश्न में डूबे

बिहार: नीतीश कुमार के जद(यू) प्रमुख चुने जाने के बाद पार्टी नेता, कार्यकर्ता जश्न में डूबे
Modified Date: December 29, 2023 / 11:39 pm IST
Published Date: December 29, 2023 11:39 pm IST

पटना, 29 दिसंबर (भाषा) बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने पर खुशी व्यक्त की।

दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हुए घटनाक्रम की खबर जैसे ही यहां प्रदेश मुख्यालय में पहुंची, कार्यकर्ता जश्न में डूब गए और अपनी खुशी व्यक्त करने के लिए एक-दूसरे को गुलाल लगाया।

जद(यू) की प्रदेश इकाई के प्रमुख उमेश सिंह कुशवाहा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह स्वागतयोग्य घटनाक्रम ऐसे महत्वपूर्ण समय पर आया है जब हम केंद्र में भाजपा शासन के तहत आपातकाल जैसी स्थिति के खिलाफ लड़ाई में जुटे हुए हैं।’’

कुमार ने राजीव रंजन सिंह उर्फ ‘ललन’ से पदभार संभाला। मार्च 2021 से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव ने पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की और बिहार के मुख्यमंत्री को पदभार संभालने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।

कुमार के जद(यू) अध्यक्ष बनने पर प्रतिक्रिया देते हुए, पूर्व उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुशील कुमार मोदी ने दावा किया, ‘‘उस पार्टी में दो गुट हैं। एक को लगता है कि पिछले साल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) छोड़ना गलती थी। दूसरा, ललन के नेतृत्व में, लालू समर्थक गुट है। अगर ललन को नहीं हटाया गया होता तो उन्होंने जद(यू) का राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में विलय कर दिया होता।’’

सुशील ने कहा, ‘‘खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। राजद तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के रूप में देखने के लिए बेताब है। इसका कार्यकर्ता 2025 तक इंतजार नहीं कर सकता, जब विधानसभा चुनाव होने हैं।’’

हालांकि, पत्रकारों से बातचीत में यादव ने कहा कि उनके और कुमार के बीच विश्वास की कोई कमी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकसभा चुनावों में महागठबंधन से मुकाबला करने से ‘डरी हुई’ है।

राजद नेता ने कहा, ‘‘भाजपा 2015 के विधानसभा चुनावों में अपनी हार को नहीं भूल सकती, जब महागठबंधन ने 243-सदस्यीय सदन में 170 से अधिक सीट हासिल कीं। वर्ष 2024 में यह पहली बार होगा कि लालू और नीतीश एक साथ लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। इसलिए, भाजपा घबराई हुई है और अफवाह फैलाकर अपने लिए चीजें आसान बनने की उम्मीद कर रही है।’’

यादव ने कहा, ‘‘जद(यू) में नीतीश कुमार हमेशा सर्वोच्च नेता रहे हैं। वह अतीत में पार्टी के शीर्ष पद पर रह चुके हैं। पार्टी अध्यक्ष के रूप में वह ‘इंडिया’ गठबंधन को जीत की ओर ले जाने में सीधे तौर पर शामिल होंगे।’’

भाषा आशीष सुरेश

सुरेश


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