‘इंडिया स्किल्स 2025-26’ में बिहार का शानदार प्रदर्शन, तीन प्रतिभागियों को स्वर्ण पदक

‘इंडिया स्किल्स 2025-26’ में बिहार का शानदार प्रदर्शन, तीन प्रतिभागियों को स्वर्ण पदक

‘इंडिया स्किल्स 2025-26’ में बिहार का शानदार प्रदर्शन, तीन प्रतिभागियों को स्वर्ण पदक
Modified Date: April 2, 2026 / 07:41 pm IST
Published Date: April 2, 2026 7:41 pm IST

पटना, दो अप्रैल (भाषा) ‘इंडिया स्किल्स 2025-26’ प्रतियोगिता में बिहार के प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। यह जानकारी कौशल विभाग ने बृहस्पतिवार को दी ।

उसने बताया कि इसके अलावा राज्य के प्रतिभागियों ने दो रजत पदक और तीन कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

विभाग के एक बयान के अनुसार स्वर्ण पदक ‘रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग’, ‘सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन’ तथा ‘क्लाउड कंप्यूटिंग’ में मिला है। रजत पदक ‘पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग’ और ‘मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपमेंट’ में प्राप्त हुआ। इसके अलावा मोबाइल ‘एप्लीकेशन डेवलपमेंट’, ‘एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस’ और ‘कार पेंटिंग’ में प्रतिभागियों ने कांस्य पदक हासिल किया।

इस उपलब्धि के साथ विजेता प्रतिभागी चीन के शंघाई में आयोजित होने वाली ‘वर्ल्ड स्किल चैंपियनशिप’ में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है।

प्रतियोगिता के समापन समारोह का आयोजन ‘इंडिया एक्सपो मार्ट’, नोएडा में किया गया, जिसमें बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री संजय सिंह (टाइगर) शामिल हुए। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रही है, जिससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी दक्षता के साथ रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार और बिहार की नीतीश कुमार सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण राज्य में कौशल विकास का अनुकूल वातावरण बन रहा है।

कार्यक्रम से पहले सिंह ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी से मुलाकात कर बिहार में कौशल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण तथा युवाओं को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर विस्तृत चर्चा की।

समापन समारोह में बिहार कौशल विकास मिशन के प्रबंध निदेशक मनीष शंकर भी मौजूद रहे।

भाषा कैलाश

राजकुमार

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