बिहार: विक्रमशिला सेतु पर सात जून से फिर शुरू होगा वाहनों का परिचालन, नाव सेवाएं रहेंगी नि:शुल्क

बिहार: विक्रमशिला सेतु पर सात जून से फिर शुरू होगा वाहनों का परिचालन, नाव सेवाएं रहेंगी नि:शुल्क

बिहार: विक्रमशिला सेतु पर सात जून से फिर शुरू होगा वाहनों का परिचालन, नाव सेवाएं रहेंगी नि:शुल्क
Modified Date: June 5, 2026 / 03:56 pm IST
Published Date: June 5, 2026 3:56 pm IST

भागलपुर, पांच जून (भाषा) बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और तकनीकी परीक्षण का कार्य पूरा होने के बाद सात जून से इस पुल पर वाहनों का परिचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा।

जिला प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने शुक्रवार को समीक्षा भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

चौधरी ने बताया कि सेतु की संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर सफल परीक्षण किए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि छह जून की शाम प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद सात जून को पूर्वाह्न करीब 11 बजे से सेतु पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक चरण में सेतु की लगभग पांच मीटर चौड़ी एक लेन को यातायात के लिए खोला जाएगा और इस मार्ग से केवल छोटे और मध्यम श्रेणी के वाहन गुजर सकेंगे, जिनकी अधिकतम भार वहन क्षमता 10 टन तक होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक्टर, मैजिक, छोटे यात्री वाहन और पिकअप वैन जैसे हल्के मालवाहक वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वर्तमान में संचालित सभी नाव सेवाएं पूरी तरह नि:शुल्क रहेंगी और नाव संचालकों को होने वाले खर्च व नुकसान की भरपाई प्रशासन द्वारा की जाएगी।

चौधरी ने चेतावनी दी कि अगर किसी नाविक द्वारा यात्रियों से अवैध रूप से किराया वसूलने की शिकायत मिलती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और उसकी नाव जब्त कर ली जाएगी।

यातायात व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए सेतु के दोनों छोरों, महादेवपुर घाट और बरारी घाट पर दंडाधिकारियों, पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) की तैनाती की गई है।

अधिकारी ने बताया कि पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे नियंत्रण कक्ष से की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार, यातायात संचालन के लिए एकतरफा व्यवस्था लागू की जाएगी और लाल व हरे संकेतों पर आधारित ट्रैफिक लाइट प्रणाली का उपयोग किया जाएगा।

प्रशासन ने बताया कि प्रभावी निगरानी के लिए पुलिस बल की तैनाती तीन पालियों में की जाएगी।

जिलाधिकारी ने लोगों से धैर्य और अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे सेतु पर निर्धारित कतार व्यवस्था का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफरातफरी से बचें।

यादव ने बताया कि पुल की मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है और सफल परीक्षण के बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यातायात एकतरफा व्यवस्था के तहत संचालित होगा और दोनों छोरों पर 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहेगा।

भाषा सं कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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