भाजपा ने बुर्का पहनकर मतदान करने वाली महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करने की मांग की

भाजपा ने बुर्का पहनकर मतदान करने वाली महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करने की मांग की

भाजपा ने बुर्का पहनकर मतदान करने वाली महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करने की मांग की
Modified Date: October 4, 2025 / 10:27 pm IST
Published Date: October 4, 2025 10:27 pm IST

पटना, चार अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने शनिवार को निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि राज्य विधानसभा चुनाव एक या दो चरणों में संपन्न कराए जाएं और मतदान केंद्रों पर बुर्का पहनकर आने वाली महिलाओं की पहचान उनके मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) के साथ ठीक से की जाए।

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले दो दिवसीय बिहार दौरे पर आये मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाले आयोग के दल के साथ बैठक के बाद जायसवाल ने कहा, ‘‘हमने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि चुनाव एक या दो चरणों में कराए जाएं। चुनावी प्रक्रिया को लंबा खींचने की जरूरत नहीं है। साथ ही बुर्का पहनने वाली महिलाओं सहित सभी मतदाताओं के चेहरों का उनके ईपीआईसी कार्ड से मिलान सुनिश्चित किया जाए, ताकि सिर्फ वास्तविक मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।’’

भाजपा की यह मांग राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को नागवार गुजरी। हालांकि, दोनों दल विधानसभा चुनाव को एक या दो चरणों में कराने के मुद्दे पर सहमत नज़र आए।

राजद के लोकसभा नेता अभय कुशवाहा, प्रवक्ता चितरंजन गगन और मुकुंद सिंह ने आयोग से मुलाकात की। कुशवाहा ने बुर्का विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘यह राजनीतिक साजिश है। हाल ही में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया गया है और सभी मतदाताओं को नए फोटोयुक्त पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में पहचान कोई बड़ी समस्या नहीं है। लेकिन भाजपा अपना एजेंडा थोपना चाहती है।’’

हालांकि कुशवाहा ने भी माना कि ‘‘हमने भी आयोग से आग्रह किया है कि चुनाव दो चरणों से अधिक में न कराए जाएं, क्योंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने में बहुत कम समय बचा है।’’

राजद ने यह भी सुझाव दिया कि मतदान राज्य के सबसे लोकप्रिय पर्व छठ के बाद हो, जो दीपावली के छह दिन बाद (अक्टूबर अंत में) मनाया जाएगा।

जायसवाल ने यह भी कहा कि भाजपा ने आयोग से आग्रह किया है कि ‘‘चुनाव की तिथियों की घोषणा और मतदान शुरू होने के बीच की अनिवार्य 28 दिन की अवधि से अधिक विलंब न हो। यदि चुनाव की घोषणा अगले कुछ दिनों में हो जाती है तो मतदान तीन-चार नवंबर से शुरू हो जाना चाहिए।’’

चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और ‘इंडिया’ गठबंधन की घटक भाकपा (माले लिबरेशन) ने भी आयोग से विधानसभा चुनाव दो चरणों से अधिक में न कराने का आग्रह किया।

भाजपा और राजद दोनों ने स्वीकार किया कि बिहार के अनेक गांवों में पिछड़े वर्गों की बड़ी आबादी है, जिन्हें चुनावों के दौरान भयभीत किया जाता रहा है।

राजद ने आयोग से यह भी जानकारी साझा करने की मांग की कि हाल में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची से जिन 3.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनका विवरण सार्वजनिक किया जाए।

भाषा कैलाश

शफीक

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