महिला सशक्तीकरण पर कांग्रेस का ‘दोहरी सोच’ देश के सामने उजागर हुई: सम्राट चौधरी

महिला सशक्तीकरण पर कांग्रेस का 'दोहरी सोच' देश के सामने उजागर हुई: सम्राट चौधरी

महिला सशक्तीकरण पर कांग्रेस का ‘दोहरी सोच’ देश के सामने उजागर हुई: सम्राट चौधरी
Modified Date: April 18, 2026 / 06:53 pm IST
Published Date: April 18, 2026 6:53 pm IST

पटना, 18 अप्रैल (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि महिला सशक्तीकरण पर कांग्रेस की ‘दोहरी सोच देश के सामने’ उजागर हो गई है।

वह संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पर कांग्रेस के विरोध का जिक्र कर रहे थे। इस विधेयक का पारित होना नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को लागू करने के लिए आवश्यक था। हालांकि, शुक्रवार को यह विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका।

चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘महिला सशक्तीकरण पर ढोंग करने वाली कांग्रेस की दोहरी सोच अब पूरे देश के सामने है। विपक्ष महिलाओं की प्रगति की राह में हमेशा बाधा बनकर खड़ा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि क्या देश की आधी आबादी को उनकी आवाज देना इतना मुश्किल था?

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘महिलाओं के सशक्त होने और भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभाने की संभावना से घबराकर, असुरक्षित विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन का समर्थन नहीं किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के दौर में महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की गई और आज विपक्ष में रहते हुए भी वही सोच फिर दिखाई दे रही है।’’

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यह विधेयक जल्दबाजी में लाया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘विधेयक का गिरना तय था। भाजपा नेताओं को पता था कि सदन में इसे पारित करने के लिए उनके पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है, फिर भी उन्होंने महिला सशक्तीकरण के बड़े समर्थक होने का प्रदर्शन करने के लिए विधेयक पेश किया।’’

यादव ने सरकार पर भारतीय जनता पार्टी-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गुप्त एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं को ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘वे मनुस्मृति को मानने वाले हैं और महिलाओं का सम्मान करना नहीं जानते। उनकी एकमात्र चिंता अपनी राजनीति को चमकाना है। मनुस्मृति में महिलाओं को क्या स्थान दिया गया है, यह सर्वविदित है।’’

यादव ने आरोप लगाया कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश करना भाजपा के ‘‘षड्यंत्र’’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य परिसीमन इस तरह से करना है जिससे उन्हें दो-तिहाई बहुमत प्राप्त हो सके और वे ‘‘संविधान में बदलाव’’ कर सकें।

उन्होंने कहा, ‘‘उनका मुख्य उद्देश्य संविधान में बदलाव करना है, लेकिन हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे।’’

इसी बीच, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) की महिला शाखा ने पटना के आयकर गोलंबर पर विरोध प्रदर्शन किया और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी व कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का पुतला फूंका ।

पार्टी की महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष कुमारी शोभा पासवान ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा और राज्य विधानमंडलों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष ने ऐसा नहीं होने दिया। आने वाला समय विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) के लिए अच्छा नहीं है। हम भविष्य में भी उनका विरोध जारी रखेंगे।’’

भाषा खारी पवनेश

पवनेश


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