भाकपा ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तेजस्वी यादव को सौंपी 24 उम्मीदवारों की सूची

भाकपा ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तेजस्वी यादव को सौंपी 24 उम्मीदवारों की सूची

भाकपा ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तेजस्वी यादव को सौंपी 24 उम्मीदवारों की सूची
Modified Date: October 10, 2025 / 08:51 pm IST
Published Date: October 10, 2025 8:51 pm IST

पटना, 10 अक्टूबर (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने 24 संभावित उम्मीदवारों की सूची ‘इंडिया’ गठबंधन के संयोजक तेजस्वी यादव को सौंप दी है।

राजा ने यहां पार्टी की राज्य परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भाकपा, ‘इंडिया’ गठबंधन के एक घटक दल के रूप में राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को हराने और जनता के हित में काम करने वाली सरकार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, “ हमने ‘इंडिया’ गठबंधन के संयोजक तेजस्वी यादव को 24 उम्मीदवारों की सूची सौंप दी है।”

राजा ने बताया कि वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाकपा ने छह सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से दो सीटों पर उसे जीत मिली थी।

भाकपा महासचिव ने आरोप लगाया कि बीते 20 वर्षों के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासन में बिहार भ्रष्टाचार और अपराध की भयावह स्थिति का सामना कर रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर “कॉर्पोरेट समर्थक और जनविरोधी नीतियां अपनाने” का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे महंगाई बढ़ी है और रोजगार के अवसर घटे हैं।

राजा ने कहा, “बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पूरे देश की निगाहें इस चुनाव पर हैं। हमें राजग सरकार को हटाकर ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनानी होगी, ताकि एक समृद्ध और प्रगतिशील बिहार का निर्माण किया जा सके।”

भाकपा की राज्य परिषद की बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, महंगाई, भूमि सुधार और पलायन जैसे जनहित के मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी।

राजा ने कहा कि भाजपा राज्य की राजनीति पर पूरी तरह से वर्चस्व जमाने की कोशिश कर रही है, और यदि ऐसा हुआ तो बिहार “सांप्रदायिक और फासीवादी ताकतों के खतरे” का सामना करेगा।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पूर्ण समर्पण, अनुशासन और एकता के साथ काम करें, ताकि इंडिया गठबंधन की जीत सुनिश्चित हो सके।

भाषा

कैलाश, रवि कांत जितेंद्र रवि कांत


लेखक के बारे में