श्रम संहिताओं, वीबी जी राम योजना और अमेरिका से व्यापार समझौते पर भाकपा (माले) का केंद्र पर हमला
श्रम संहिताओं, वीबी जी राम योजना और अमेरिका से व्यापार समझौते पर भाकपा (माले) का केंद्र पर हमला
पटना, 12 फरवरी (भाषा) भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने नयी श्रम संहिताएं लागू करने, मनरेगा की जगह वीबी जी राम योजना लाने और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर सहमति जताने को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा।
वाम नेता ने यहां किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में भाकपा (माले) के विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में यह बात कही।
राज्य में हड़ताल का मिला-जुला असर देखा गया। पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले कटिहार जिले में ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों और छात्र संगठनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रदर्शन किया, जिससे यातायात बाधित हो गया।
कटिहार से होकर गुजरने वाले और बिहार को उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर करीब दो घंटे बाद यातायात सामान्य हो गया।
बंद के समर्थन में भाकपा (माले) लिबरेशन से संबद्ध संगठनों ने शहर के कई हिस्सों में जुलूस निकाले।
भट्टाचार्य ने कहा, “ अमेरिका व्यापार समझौते से देश के किसानों के हितों को नुकसान होगा। अब तक हमारे किसान अंबानी और अडानी से लड़ रहे थे, लेकिन अब उन्हें अमेरिका से भी मुकाबला करना पड़ेगा।”
उन्होंने कहा, “किसी दूसरे देश के साथ व्यापार समझौते में इससे पहले किसानों के हितों से ऐसा समझौता कभी नहीं हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वस्तुतः ‘मेक इन इंडिया’ और ‘विकसित भारत’ जैसे अपने पुराने नारों को छोड़ दिया है।”
भट्टाचार्य ने दावा किया कि हाल में लागू की गईं श्रम संहिताएं “मजदूरों को उन उद्योगपतियों का गुलाम बना देंगी, जिनके लिए वे काम करते हैं”, जबकि वीबी जी राम योजना “ग्रामीण आबादी को मनरेगा के तहत मिले आजीविका के अधिकार से वंचित कर देगी।”
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि हाल में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में भारी जीत हासिल करने वाले भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को “अब लोग बोझ की तरह महसूस करने लगे हैं।”
भट्टाचार्य ने कहा कि इसने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन समेत विपक्ष को कमजोर कर दिया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर यहां भी “बुलडोजर राज” देखने को मिल रहा है और ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हालात पर नियंत्रण नहीं है।
‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल भाकपा (माले) के नेता ने यह आशंका भी जताई कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण से पश्चिम बंगाल में भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए गड़बड़ी हो सकती है, “जैसा कि बिहार में किया गया था।”
भाषा कैलाश
राजकुमार जोहेब
जोहेब

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