मोतिहारी में जहरीली शराब से मौतें शराबबंदी कानून की विफलता का प्रमाण: तेजस्वी यादव

मोतिहारी में जहरीली शराब से मौतें शराबबंदी कानून की विफलता का प्रमाण: तेजस्वी यादव

मोतिहारी में जहरीली शराब से मौतें शराबबंदी कानून की विफलता का प्रमाण: तेजस्वी यादव
Modified Date: April 3, 2026 / 01:51 pm IST
Published Date: April 3, 2026 1:51 pm IST

पटना, तीन अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मोतिहारी में जहरीली शराब के कारण चार लोगों की मौत, छह लोगों की आंखों की रोशनी जाने और कई लोगों की हालत गंभीर होने की घटना को दुखद बताते हुए शुक्रवार को कहा कि इससे एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के शराबबंदी कानून की विफलता और उसकी गंभीर खामियां उजागर होती हैं।

नेता प्रतिपक्ष की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह पहली बार नहीं है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक बिहार में जहरीली शराब से 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

तेजस्वी ने कहा कि यह केवल सरकारी आंकड़ा है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दर्जनों लोग अपनी आंखों की रोशनी भी खो चुके हैं।

राजद नेता ने आरोप लगाया कि शराबबंदी कानून का मूल उद्देश्य पूरी तरह भटक चुका है और यह सत्ताधारी भाजपा-जदयू के कुछ नेताओं, भ्रष्ट अधिकारियों तथा उनके संरक्षण में पल रहे शराब माफियाओं के लिए कमाई का जरिया बन गया है।

उन्होंने दावा किया कि बिहार में खुलेआम जहरीली शराब बनाई जा रही है और पुलिस की कथित मिलीभगत से धड़ल्ले से बेची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसकी घर-घर आपूर्ति हो रही है और सरकार की नाक के नीचे यह सब चल रहा है, जिसकी कीमत गरीब और आम लोग अपनी जान देकर चुका रहे हैं।

षा कैलाश मनीषा

मनीषा


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