पटना में मधुबनी साड़ी की प्रदर्शनी सह बिक्री का आयोजन

पटना में मधुबनी साड़ी की प्रदर्शनी सह बिक्री का आयोजन

पटना में मधुबनी साड़ी की प्रदर्शनी सह बिक्री का आयोजन
Modified Date: February 15, 2025 / 06:50 pm IST
Published Date: February 15, 2025 6:50 pm IST

पटना, 15 फरवरी (भाषा) राज्य की राजधानी पटना में शनिवार को मधुबनी साड़ी की प्रदर्शनी सह बिक्री का आयोजन किया गया जो 23 फरवरी तक जारी रहेगा। एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।

खादी मॉल में बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी सह बिक्री का उद्घाटन बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने किया जिसमें राज्य भर के कारीगरों द्वारा निर्मित उत्कृष्ट मधुबनी साड़ियों का प्रदर्शन और बिक्री होगी।

मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा, ‘‘हाल में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार की विश्वप्रसिद्ध मधुबनी साड़ी पहनकर बजट पेश किया था, जिसके बाद साड़ियों की मांग में इजाफा देखा गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने यह आयोजन करने का निर्णय लिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यहां 500 रुपये से 50,000 रुपये तक की साड़ियों का संग्रह है।

निप्पणीकर ने बताया कि इसके अलावा बिहार एम्पोरियम पटना और दिल्ली, खादी मॉल मुजफ्फरपुर एवं अन्य दुकान पर भी मधुबनी साड़ियों की प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है जिसका मुख्य उद्देश्य कारीगरों को सीधा मंच प्रदान करना और बिहार की पारंपरिक मधुबनी कला को व्यापक पहचान दिलाना है।

मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा, ‘‘यह पहल न केवल हमारे पारंपरिक शिल्प को संरक्षित करने में मदद करेगी, बल्कि कारीगरों को उनके कौशल का उचित मूल्य दिलाने में भी सहायक होगी।’’

प्रदर्शनी विशेषता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यहां कारीगर लोगों के सामने ही साड़ी बना रहे हैं जिससे आगंतुक मधुबनी कला की बारीकियों को नजदीक से समझ सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ग्राहक की साड़ी पर अपनी पंसद के अनुसार चित्रकारी भी करवा सकते हैं, जिससे यह कला अधिक व्यक्तिगत और विशेष बन सके।’’

इस प्रदर्शनी में बिहार के विभिन्न जिलों से आए कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, जहां ग्राहक सीधे कारीगरों से मधुबनी साड़ियां खरीद सकते हैं। इससे कारीगरों को अधिक लाभ मिलेगा और उनकी आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।

बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने प्रदेशवासियों से इस आयोजन में भाग लेने और मधुबनी साड़ियों को अपनाने का आह्वान किया है।

भाषा

खारी माधव

माधव


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