बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सम्राट ने प्रवासी बिहारियों से जन्मभूमि के विकास में योगदान की अपील की

बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सम्राट ने प्रवासी बिहारियों से जन्मभूमि के विकास में योगदान की अपील की

बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सम्राट ने प्रवासी बिहारियों से जन्मभूमि के विकास में योगदान की अपील की
Modified Date: September 3, 2026 / 11:02 pm IST
Published Date: September 3, 2026 11:02 pm IST

(तस्वीर के साथ)

पटना, तीन सितंबर (भाषा) मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को बेंगलुरु में प्रवासी बिहारियों से अपनी ‘‘कर्मभूमि’’ के साथ-साथ ‘‘जन्मभूमि’’ बिहार के विकास और समृद्धि में भी सक्रिय योगदान देने की अपील की।

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, चौधरी ने ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के साथ बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग परिसर में दीप प्रज्ज्वलित कर चार दिवसीय बिहार महोत्सव-2026 का उद्घाटन किया।

चौधरी ने कहा कि बिहार ने सदियों से देश और दुनिया को ज्ञान, करुणा, दर्शन और अहिंसा का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु गोविंद सिंह और महात्मा गांधी जैसी महान विभूतियों से जुड़ी यह धरती अब विकास और समृद्धि के नए दौर की ओर बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के लोग देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी मेहनत और प्रतिभा से योगदान दे रहे हैं तथा बेंगलुरु जैसे शहरों में भी बड़ी संख्या में बिहारी कार्यरत हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अपनी कर्मभूमि में आगे बढ़ते रहिए, लेकिन जन्मभूमि बिहार के विकास में भी सहभागी बनिए।’’

उन्होंने राज्य की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 27 वर्ष पहले बिहार का बजट लगभग छह हजार करोड़ रुपये था, जबकि वर्ष 2024 में वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने 3.17 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो राज्य की बदलती आर्थिक स्थिति का प्रमाण है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार के व्यंजन, मधुबनी पेंटिंग और अन्य सांस्कृतिक स्टॉल का अवलोकन किया।

भाषा कैलाश

शफीक

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