संप्रग के शासन में भारत ‘कमजोर अर्थव्यवस्था’ था, मोदी ने इसे बदल दिया: भूपेंद्र यादव का दावा

संप्रग के शासन में भारत ‘कमजोर अर्थव्यवस्था’ था, मोदी ने इसे बदल दिया: भूपेंद्र यादव का दावा

संप्रग के शासन में भारत ‘कमजोर अर्थव्यवस्था’ था, मोदी ने इसे बदल दिया: भूपेंद्र यादव का दावा
Modified Date: February 17, 2025 / 08:13 pm IST
Published Date: February 17, 2025 8:13 pm IST

पटना, 17 फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को दावा किया कि जब कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) केंद्र की सत्ता में था, तब भारत दुनिया की ‘‘कमजोर अर्थव्यवस्थाओं’’ में गिना जाता था।

इस माह की शुरुआत में पेश किए गए केंद्रीय बजट पर आयोजित एक संवादात्मक सत्र को संबोधित करते हुए यादव ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अर्थव्यवस्था ने नया मोड़ लिया है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री यादव ने कहा, ‘‘संप्रग शासन में, भारत दुनिया की पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में से एक था। (प्रधानमंत्री) मोदी जी 2014 में सत्ता में आए और अपने तीसरे कार्यकाल में हम शीर्ष पांच में से एक हैं।’’

यादव का इशारा वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी ‘मॉर्गन स्टेनली’ द्वारा 2013 में पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं वाले देश के लिए ‘फ्रैजल फाइव’ नाम दिए जाने की ओर था। उस समय माना जाता था कि ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्कीए के ‘‘अलावा भारत अपनी विकास महत्वाकांक्षाओं के लिए अप्रमाणिक विदेशी निवेश पर निर्भर’’ हो गया था।

यादव ने अपने भाषण की शुरुआत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए की।

ठाकुर को मरणोपरांत पिछले साल भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

कई वर्षों तक राज्य के लिए भाजपा के राष्ट्रीय सचिव के रूप में काम करने वाले केंद्रीय मंत्री ने इस साल के अंत में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ‘‘बड़ी जीत’’ का भी दावा किया।

यादव ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बेहतर तरीके से सत्ता संभाल रहा राजग लगातार मजबूत होता जा रहा है जैसा कि महाराष्ट्र और दिल्ली के विधानसभा चुनावों में हमारी सफलता से स्पष्ट है।’’

दूसरी ओर, उन्होंने दावा किया कि ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) ‘‘संकट’’ में है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘इसके घटक दल अब आपस में झगड़ रहे हैं। ऐसा लगता है कि वे इस बात से ईर्ष्या में हैं कि मोदी के नेतृत्व में भारत का वैश्विक कद बढ़ता जा रहा है।’’

यादव ने आरोप लगाया, ‘‘इंडिया के घटक दलों के नेता यही नहीं समझ पा रहे हैं कि महाकुंभ ने कैसे सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। वे हमारी संस्कृति को मिल रही प्रशंसा से परेशान हैं।’’

यह टिप्पणी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद पर लक्षित प्रतीत होती है, जिन्होंने एक दिन पहले प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को लेकर कहा था, ‘‘महाकुंभ का क्या मतलब है? यह फालतू है’’।

इसी संवाददाता सम्मेलन में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भागलपुर दौरे की तैयारियां जोरों पर हैं।

पत्रकारों द्वारा विपक्ष के इस आरोप के बारे में पूछा गया कि केंद्रीय बजट में बिहार के लिए कोई महत्वपूर्ण घोषणा नहीं की गई है।

यादव ने जवाब दिया, ‘‘हम राज्य के लिए जो कर रहे हैं वे उसे समझ ही नहीं पा रहे हैं। जब लोग उनके कुतर्कों को खारिज कर देंगे तब उन्हें सबक मिलेगा।’’

भाषा अनवर खारी

खारी


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