सीटों की अदला-बदली और छोटे सहयोगियों को समायोजित करने पर जद(यू)-भाजपा में मंथन
सीटों की अदला-बदली और छोटे सहयोगियों को समायोजित करने पर जद(यू)-भाजपा में मंथन
पटना, 13 अक्टूबर (भाषा) बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर सहमति बनने के बाद सोमवार को जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने बैठक कर उन विधानसभा क्षेत्रों पर चर्चा की, जिन्हें वे आपस में बदलने या छोटे सहयोगी दलों के लिए छोड़ने पर विचार कर रहे हैं।
सत्तारूढ़ गठबंधन के दोनों प्रमुख सहयोगी दलों भाजपा और जद(यू) ने इस बार 243 सदस्यीय विधानसभा की 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। यह संख्या पांच साल पहले से कुछ कम है। गठबंधन के शेष 41 सीटों में से 29 सीटें केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को दी गई हैं, जबकि उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा और पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को छह-छह सीटें मिली हैं।
यह बैठक जद (यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा के आवास पर हुई, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री नितिन नवीन भी शामिल हुए।
नवीन ने मांझी की नाराजगी को लेकर उठे सवालों को तवज्जो न देते हुए कहा, “कहीं कोई कटुता नहीं है। सब कुछ ठीक है। सभी घटक दल अपने-अपने उम्मीदवारों के चयन में व्यस्त हैं ताकि जल्द से जल्द नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकें।”
गौरतलब है कि रविवार को जब सीट बंटवारे का फार्मूला दिल्ली में घोषित किया गया, उस समय मांझी पटना में थे। उन्होंने अपनी पार्टी को “अनुचित हिस्सेदारी” मिलने पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी थी कि इसका “गठबंधन पर प्रतिकूल असर” हो सकता है, हालांकि उन्होंने किसी तरह की बगावत से इनकार किया था।
भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर पूछे जाने पर नितिन नवीन ने कहा, “थोड़ा वक्त दीजिए, बहुत जल्द घोषणा होगी।”
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उम्मीदवारों के नाम केंद्रीय नेतृत्व के पास विचाराधीन हैं और अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें यहां घोषित किया जाएगा।
बैठक में भाजपा और जद (यू) दोनों दलों ने उन सीटों पर भी चर्चा की जिनका वे छोटे सहयोगियों को समायोजित करने के लिए “त्याग” कर सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय समीकरणों के आधार पर कुछ सीटों की “अदला-बदली” भी संभव है, जैसा कि पिछले वर्ष लोकसभा चुनाव में हुआ था।
सूत्रों का कहना है कि 2024 लोकसभा चुनाव में शिवहर सीट जद (यू) ने जीती थी, जबकि इससे पहले यह भाजपा के पास थी।
शिवहर की सांसद लवली आनंद के बेटे चेतन आनंद ने 2020 में इसी नाम की विधानसभा सीट राजग के टिकट पर जीती थी, लेकिन पिछले साल वह राजग में शामिल हो गए थे जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘इंडिया’ गठबंधन छोड़कर राजग का दामन थाम लिया था।
लवली आनंद के पति आनंद मोहन पिछले वर्ष जेल से रिहा हुए थे, जहां वे 1994 में एक आईएएस अधिकारी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। इस बीच, अटकलें हैं कि मोहन स्वयं या अपने छोटे बेटे के लिए टिकट की दावेदारी कर सकते हैं।
पत्रकारों द्वारा इस पर सवाल पूछे जाने पर आनंद मोहन ने कहा, “मैं इस सब में कहीं नहीं हूं। मीडिया खुद ही अटकलें लगाता है और फिर मुझसे सवाल पूछता है।”
जद(यू) सूत्रों ने बताया कि पार्टी उम्मीदवारों की सूची “मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद बहुत जल्द” जारी की जाएगी।
दूसरे और अंतिम चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि पहले चरण के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है।
भाषा कैलाश जितेंद्र हक
हक

Facebook


