नीतीश के जन्मस्थान बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने की मांग पर जदयू ने किया किनारा

नीतीश के जन्मस्थान बख्तियारपुर का नाम बदलकर 'नीतीशपुर' करने की मांग पर जदयू ने किया किनारा

नीतीश के जन्मस्थान बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने की मांग पर जदयू ने किया किनारा
Modified Date: September 10, 2026 / 06:37 pm IST
Published Date: September 10, 2026 6:37 pm IST

पटना, 10 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जन्मस्थान बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने की मांग पर जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया।

हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए झा ने कहा कि वह और उनकी पार्टी इस भावना के लिए सुमन के आभारी हैं, लेकिन नीतीश कुमार ने हमेशा अपने काम को ही अपनी पहचान बनने दिया है।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार स्थानों के नाम बदलने में विश्वास नहीं करते।

झा ने कहा कि केवल नाम बदलने से यह ऐतिहासिक तथ्य नहीं मिटेगा कि बख्तियार खिलजी ने इस भूमि पर आक्रमण किया था और प्राचीन शिक्षा केंद्र नालंदा को जला दिया था। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के प्रयासों से नालंदा में आधुनिक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना हुई।

उन्होंने दिवंगत मार्क्सवादी नेता सीताराम येचुरी के संसद में दिए उस बयान को भी याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बख्तियारपुर का एक बेटा, बख्तियार खिलजी द्वारा नालंदा को उजाड़े जाने के आठ शताब्दियों बाद उसकी गौरवगाथा को पुनर्जीवित कर रहा है।

इस बीच, राजद ने सुमन के सुझाव का मजाक उड़ाया। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि बख्तियारपुर का नाम नीतीश कुमार के नाम पर रखने की बात हास्यास्पद है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के सहयोगी दलों का अगला सुझाव शायद देश का नाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम पर रखने का होगा।

उल्लेखनीय है कि 75 वर्षीय नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता रहे हैं। उन्होंने इस वर्ष अप्रैल में मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण की थी।

भाषा कैलाश रवि कांत रंजन

रंजन


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