Milk Price Hike: फिर बढ़े दूध के दाम, लेकिन ग्राहकों को नहीं देना होगा ज्यादा पैसा! आखिर बढ़े दाम का पैसा कौन भरेगा? यहां जानें

Milk Price Hike: महाराष्ट्र में गणेशोत्सव से पहले दूध की कीमत में 1 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। लेकिन इसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर नहीं पड़ेगा। खुदरा दूध के दाम पहले जैसे ही रहेंगे। इस फैसले से डेयरी किसानों को अतिरिक्त फायदा मिलेगा।

Milk Price Hike: फिर बढ़े दूध के दाम, लेकिन ग्राहकों को नहीं देना होगा ज्यादा पैसा! आखिर बढ़े दाम का पैसा कौन भरेगा? यहां जानें

(Milk Price Hike/ Image Credit: AI-generated)

Modified Date: September 10, 2026 / 05:26 pm IST
Published Date: September 10, 2026 4:45 pm IST
HIGHLIGHTS
  • किसानों को ₹1 प्रति लीटर ज्यादा
  • ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा बोझ
  • खुदरा कीमत में कोई बदलाव नहीं

महाराष्ट्र: Milk Price Hike: महाराष्ट्र में गणेशोत्सव से पहले डेयरी किसानों के लिए राहत की खबर आई है। पुणे जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ ने गाय और भैंस के दूध की खरीद कीमत (Milk Price Hike) में 1 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। नई दरें कल से लागू होंगी। इसका फायदा उन डेयरी किसानों को मिलेगा जो जिला सहकारी केंद्रों पर अपना दूध बेचते हैं। अब उन्हें हर लीटर दूध के बदले पहले से 1 रुपये ज्यादा भुगतान मिलेगा।

बढ़ती लागत बनी वजह

दूध की खरीद कीमत बढ़ाने (Milk Price Hike) के पीछे मवेशियों के चारे, पशु आहार और परिवहन खर्च में हुई बढ़ोतरी को मुख्य वजह बताया गया है। इन बढ़ते खर्चों के कारण पिछले कुछ समय से किसानों का मुनाफा कम हो रहा था। ऐसे में डेयरी संघ ने किसानों को राहत देने के लिए खरीद दर बढ़ाने का फैसला किया है। लेकिन इस फैसले का सीधा असर आम ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा।

ग्राहकों के लिए कीमत पहले जैसी

दूध की खरीद कीमत और खुदरा कीमत अलग-अलग होती है। खरीद कीमत वह रकम है, जो डेयरी किसानों से दूध लेते समय भुगतान करती है, जबकि खुदरा कीमत वह होती है, जो ग्राहक दुकान पर पैकेट वाले दूध के लिए चुकाते हैं। डेयरी ने साफ किया है कि खुदरा कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी ग्राहकों को दूध के लिए पहले जितने पैसे देने पड़ते थे फिलहाल उतने ही देने होंगे।

त्योहार में बढ़ेगी दूध की मांग

नई बढ़ोतरी के बाद 3.5 फैट और 8.5 SNF वाले गाय के दूध की खरीद कीमत (Milk Price Hike) 39.80 रुपये से बढ़कर 40.80 रुपये प्रति लीटर हो गई है। गणेशोत्सव के दौरान पेड़ा, मोदक और बर्फी जैसी मिठाइयों की मांग बढ़ने से दूध और मावे की खपत भी करीब 35 से 40 फीसदी तक बढ़ जाती है। ऐसे समय किसानों को बेहतर कीमत देना जरूरी माना जा रहा है। वहीं, ग्राहकों का त्योहार का बजट न बढ़े इसलिए खुदरा कीमतों को स्थिर रखा गया है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।