जद(यू) ने मोदी की प्रशंसा करने पर 2014 में पार्टी से निष्कासित किए गए साबिर अली को दिया टिकट

जद(यू) ने मोदी की प्रशंसा करने पर 2014 में पार्टी से निष्कासित किए गए साबिर अली को दिया टिकट

जद(यू) ने मोदी की प्रशंसा करने पर 2014 में पार्टी से निष्कासित किए गए साबिर अली को दिया टिकट
Modified Date: October 19, 2025 / 12:21 am IST
Published Date: October 19, 2025 12:21 am IST

पटना/पूर्णिया, 18 अक्टूबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करने पर 11 वर्ष पहले जनता दल यूनाइटेड (जद(यू)) से निष्कासित किए गए राज्यसभा के पूर्व सदस्य साबिर अली को पार्टी ने शनिवार को अमौर विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी ने यह घोषणा अचानक एक बयान जारी कर की। दो दिन पहले इस सीट से सबा जफर को उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन अब उन्हें बदलकर साबिर अली को टिकट दिया गया है।

साबिर अली पूर्णिया जिले में, फिर से जद(यू )में शामिल हुए। इसी जिले में अमौर सीट स्थित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की करीबी और राज्य मंत्री लेशी सिंह मौजूद थीं, जो पास की धमदहा सीट से लगातार चौथी बार चुनाव मैदान में उतर रही हैं।

यह स्पष्ट नहीं हो सका कि पार्टी ने अचानक सबा जफर को क्यों बदला। सबा जफर 2020 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे।

साबिर अली ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) से की थी और इस पार्टी से वह राज्यसभा पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें जद(यू) के टिकट पर उच्च सदन में लगातार दूसरा कार्यकाल मिला। हालांकि, 2014 में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की, जिससे नाराज होकर नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। जद(यू) ने उस समय भाजपा से गठबंधन तोड़ दिया था।

साबिर अली बाद में भाजपा में शामिल हुए, मगर कुछ वरिष्ठ नेताओं ने उन पर इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी यासीन भटकल से संबंध होने का आरोप लगाया, जिसके चलते उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया।

वर्ष 2015 में उन्हें भाजपा में दोबारा शामिल किया गया और छह वर्ष बाद पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया।

वह इस बार हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के विधायक अख्तरुल इमान को चुनौती देंगे, जो बिहार में पार्टी के एकमात्र विधायक हैं।

भाषा कैलाश नोमान

नोमान


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