नीतीश के नाम पर वोट मांगने के चलते जद(यू) को 2020 में नुकसान उठाना पड़ा था: भाजपा

नीतीश के नाम पर वोट मांगने के चलते जद(यू) को 2020 में नुकसान उठाना पड़ा था: भाजपा

नीतीश के नाम पर वोट मांगने के चलते जद(यू) को 2020 में नुकसान उठाना पड़ा था: भाजपा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:37 am IST
Published Date: September 25, 2022 10:13 pm IST

पटना, 25 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बिहार इकाई ने रविवार को दावा किया कि जनता दल (यूनाइटेड) को पिछले विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘‘अपनी लोकप्रियता खो दी थी।’’

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने यहां प्रेसवार्ता के दौरान यह बात कही।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार में सीमांचल क्षेत्र के हालिया दो-दिवसीय दौरे को ‘ऐतिहासिक रूप से सफल’ करार दिया।

जायसवाल ने कहा, ‘‘बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को नकार दिया है। वर्ष 2020 में और क्या गलत हुआ, जब हमने एक साथ चुनाव लड़ा? हमारे (भाजपा) उम्मीदवारों ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर वोट मांगे और उनमें से 74 निर्वाचित हुए। जद (यू) के उम्मीदवारों ने हमेशा मोदी के नाम को नीतीश कुमार के नाम से जोड़ने की गलती की।’’

जद(यू) ने 2020 विधानसभा चुनाव में 43 सीट जीती थीं।

जायसवाल के दावे पर मुख्यमंत्री की पार्टी जद(यू) ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को 2015 के विधानसभा चुनाव में ‘‘घुटनों पर ला दिया गया’’ था, जो 2014 के लोकसभा चुनावों की प्रचंड जीत के एक साल बाद हुए थे।

जद(यू) के राष्ट्रीय सचिव राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, ‘‘वर्ष 2019 में फिर से, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 39 पर जीत हासिल की। किस तथ्य ने भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में काम किया? जाहिर है, इसके पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की (राज्य में) सत्ता में वापसी थी।’’

भाषा

शफीक सुरेश

सुरेश


लेखक के बारे में