प्रखंड या पंचायत स्तर पर महीने में एक बार लगेंगे जीवन प्रमाणपत्र शिविर: मंत्री
प्रखंड या पंचायत स्तर पर महीने में एक बार लगेंगे जीवन प्रमाणपत्र शिविर: मंत्री
पटना, 21 जनवरी (भाषा) सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को राहत देते हुए सामाजिक कल्याण मंत्री मदन सहनी ने बुधवार को कहा कि लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन करके उन्हें ‘जीवन प्रमाणपत्र’ देने के लिए प्रखंड या पंचायत स्तर पर महीने में एक बार शिविर आयोजित किए जाएंगे।
सहनी ने यहां सूचना भवन के संवाद सभागार में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “लाभार्थियों को नाम में गड़बड़ी, आधार में त्रुटि या अंगूठा लगाने में दिक्कत जैसी समस्याओं के कारण पेंशन मिलने में परेशानी हो रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए हमने जीवन प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला किया है, ताकि वे आसानी से पेंशन का लाभ उठा सकें।”
मंत्री ने कहा, “हमने तय किया है कि महीने में एक बार प्रखंड या पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे, ताकि भौतिक सत्यापन के बाद उन्हें जीवन प्रमाणपत्र दिया जा सके। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हर लाभार्थी को उसकी पेंशन मिले। कोई भी इससे वंचित नहीं रहेगा।”
इस अवसर पर विभाग की सचिव वंदना प्रेयशी ने कहा कि जीवन प्रमाणपत्र का सत्यापन कराना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि जो लाभार्थी सीएससी केंद्र तक पहुंचेंगे उनके लिए जीवन प्रमाणपत्र की प्रक्रिया सीएससी केंद्र में ही पूरी कर ली जाएगी और यह निःशुल्क है।
उन्होंने कहा कि अब तक करीब 80 लाख लाभार्थियों के सत्यापन का काम पूरा किया जा चुका है और विभाग अपनी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लगभग 3.5 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।
उल्लेखनीय है कि सामाजिक कल्याण विभाग राज्य में छह योजनाओं के तहत 1.16 करोड़ लाभार्थियों को पेंशन देता है। ये योजनाएं हैं-इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना, मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और बिहार दिव्यांग पेंशन योजना।
मंत्री मदन सहनी ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के बारे में कहा कि इसकी शुरुआत वर्ष 1995 में हुई थी, जब मासिक पेंशन 200 रुपये थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे बढ़ाकर पहले 400 रुपये किया और फिर पिछले साल जुलाई में इसे लगभग तीन गुना बढ़ाकर 1100 रुपये प्रतिमाह कर दिया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 से 2005 के बीच 10 वर्षों में लाभार्थियों की संख्या 12 लाख तक पहुंच गई और दिसंबर 2025 के अंत तक यह बढ़कर 1.16 करोड़ हो गई।
मंत्री ने कहा कि विभाग ने दिव्यांगजन के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं और अब तक 27 हजार से अधिक बैटरी चालित ट्राइसाइकिल वितरित की जा चुकी हैं। इसके अलावा उन्हें उद्यमी योजना और ‘सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि योजना’ का लाभ भी दिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि फिलहाल राज्य में दिव्यांग बच्चों के लिए छह विशेष विद्यालय संचालित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रमंडलीय आयुक्तालय में 500 बिस्तरों की क्षमता वाला एक आवासीय विद्यालय खोला जाएगा।
कुल नौ प्रमंडलों में नौ विद्यालय खोले जाएंगे, जिनमें से पांच छात्राओं के लिए और चार छात्रों के लिए होंगे।
भाषा कैलाश नोमान संतोष
संतोष


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