महाराष्ट्र की तरह बिहार में भी एक ही चरण में चुनाव हो : जद (यू)

महाराष्ट्र की तरह बिहार में भी एक ही चरण में चुनाव हो : जद (यू)

महाराष्ट्र की तरह बिहार में भी एक ही चरण में चुनाव हो : जद (यू)
Modified Date: October 4, 2025 / 06:55 pm IST
Published Date: October 4, 2025 6:55 pm IST

पटना, चार अक्टूबर (भाषा) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने शनिवार को निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि बिहार विधानसभा चुनाव ‘‘एक ही चरण’’ में कराया जाए। पार्टी ने तर्क दिया कि महाराष्ट्र में विधानसभा की सीटें बिहार से अधिक हैं और वहां एक ही चरण में चुनाव कराए गए थे।

जद (यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने यहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आए निर्वाचन आयोग के दल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने आयोग से विधानसभा चुनाव एक ही चरण में कराने का अनुरोध किया है। यह संभव है। राज्य में न तो कोई कानून-व्यवस्था की समस्या है और न ही नक्सल हिंसा का असर है। जब महाराष्ट्र में एक चरण में चुनाव हो सकते हैं तो बिहार में क्यों नहीं?’’

पिछले वर्ष महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव एक ही चरण में कराए गए थे, जबकि बिहार विधानसभा की कुल सीटें 243 हैं। बिहार में पिछले कई चुनाव चरणबद्ध तरीके से कराए जाते रहे हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव तीन चरणों में हुए थे, जबकि 2015 में पांच और 2010 में छह चरणों में मतदान संपन्न कराया गया था।

इस मुद्दे पर जद (यू) अपने सहयोगी दलों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के साथ-साथ विपक्षी दलों राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भाकपा (माले) लिबरेशन के साथ एक राय में दिखी, जिन्होंने भी चुनाव ‘‘एक या दो चरणों’’ में कराने की मांग की है।

झा ने कहा, ‘‘हमने आयोग से यह भी कहा कि दीपावली और छठ जैसे बड़े पर्व नजदीक आ रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग, जो अन्य राज्यों में काम करते हैं, इस समय अपने घर लौटते हैं। इसलिए चुनाव कार्यक्रम इस तरह से बनाया जाए कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें और फिर अपने काम पर लौट जाएं।’’

राज्यसभा सदस्य झा ने कहा, ‘‘हमने आयोग से यह भी अनुरोध किया है कि सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती हो ताकि गरीब और वंचित वर्ग के लोग बिना भय और डर के मतदान कर सकें।’’

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर शिकायतें निर्वाचन आयोग के साथ हुई चर्चाओं में सामने नहीं आईं। उन्होंने कहा, ‘‘बल्कि हमने आयोग को बिहार में इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए बधाई दी, जिसे अब पूरे देश में लागू किया जाना है।’’

हालांकि, कांग्रेस और भाकपा (माले) लिबरेशन के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी ज्ञापन प्रतियां साझा करते हुए दावा किया कि उन्होंने आयोग के समक्ष एसआईआर पर आपत्ति जताई थी।

भाषा कैलाश शफीक

शफीक


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