सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर राजग के घटक दल सीट को लेकर दे रहे संकेत

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर राजग के घटक दल सीट को लेकर दे रहे संकेत

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर राजग के घटक दल सीट को लेकर दे रहे संकेत
Modified Date: October 8, 2025 / 01:24 pm IST
Published Date: October 8, 2025 1:24 pm IST

पटना, आठ अक्टूबर (भाषा) बिहार में सीट बंटवारे से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में हलचल मची है तथा हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सीट को लेकर अपने अपने तरीके से संकेत दे रहे हैं।

‘हम’ के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने 20 से अधिक सीटों की मांग को लेकर रुख सख्त कर लिया है। मांझी ने सोमवार को अपने ‘एक्स’ हैंडल पर कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की एक कविता साझा करते हुए लिखा— “हो न्याय अगर तो आधा दो, यदि उसमें भी कोई बाधा हो, तो दे दो केवल 15 ग्राम, रखो अपनी धरती तमाम, हम ( एचएएम) वही खुशी से खाएंगे, परिजन पे असी न उठाएंगे।”

राजनीतिक हलकों में मांझी की यह पोस्ट राजग के अंदर चल रही सीट-बंटवारे की खींचतान का संकेत मानी जा रही है।

इससे पहले मांझी ने स्पष्ट किया था कि सीटों को लेकर कोई विवाद नहीं है, बल्कि उनकी पार्टी केवल मान्यता प्राप्त सीटों की ही मांग कर रही है। उन्होंने कहा था, “हम मान्यता प्राप्त सीटें मांग रहे हैं, यानी बिहार विधानसभा में हमारी वर्तमान स्थिति के अनुरूप हिस्सेदारी चाहते हैं। अगर मान्यता प्राप्त करने को सीट नहीं मिली तो राजग में रहते हुए चुनाव नहीं लड़ेंगे ”

सूत्रों के अनुसार, जनता दल (यूनाइटेड) और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा जारी है, वहीं मांझी और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग की सख्त मुद्रा से गठबंधन के अंदर मोलभाव की राजनीति तेज हो गई है।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सीटों के बंटवारे पर अब तक चुप्पी साध रखी है। बुधवार को पटना में जब उनसे सीट बंटवारे को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

इससे पहले उन्होंने अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा था— “पापा हमेशा कहा करते थे, जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत। जीना है तो मरना सीखो, कदम-कदम पर लड़ना सीखो।”

सूत्रों के अनुसार, भाजपा जहां चिराग पासवान की पार्टी को 20 से अधिक सीटें देने को तैयार है, वहीं चिराग 35 सीटों की मांग पर अड़े हुए हैं।

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सीट बंटवारे को लेकर दोनों गठबंधनों के भीतर सहमति बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं, लेकिन अभी तक अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।

भाषा कैलाश मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में