नीट अभ्यर्थी मौत मामला: परिजनों ने पुलिस पर यौन उत्पीड़न से इनकार कर मामला दबाने का आरोप लगाया

नीट अभ्यर्थी मौत मामला: परिजनों ने पुलिस पर यौन उत्पीड़न से इनकार कर मामला दबाने का आरोप लगाया

नीट अभ्यर्थी मौत मामला: परिजनों ने पुलिस पर यौन उत्पीड़न से इनकार कर मामला दबाने का आरोप लगाया
Modified Date: January 30, 2026 / 09:32 pm IST
Published Date: January 30, 2026 9:32 pm IST

पटना, 30 जनवरी (भाषा) बिहार में एक नीट अभ्यर्थी की इस महीने की शुरुआत में हुई मौत के मामले में उसके माता-पिता ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि राज्य पुलिस यौन उत्पीड़न से इनकार करके और इसे आत्महत्या का मामला बताकर पूरे प्रकरण को दबाने की कोशिश कर रही है।

पटना में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार के आवास के बाहर काफी हंगामा देखने को मिला, जब पड़ोसी जिले जहानाबाद से आए शोकाकुल माता-पिता उनसे मिलने पहुंचे। परिजनों का दावा था कि उन्हें डीजीपी ने ही “बुलाया” था।

मृतक की मां ने संवाददाताओं से कहा, “आज हमें न्याय की उम्मीद टूटती नजर आ रही है। डीजीपी ने कहा कि वह इस मामले को आत्महत्या मान रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हम संतुष्ट नहीं हैं तो वह राज्य के गृहमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की व्यवस्था कर सकते हैं। हम पूरी तरह हताश हैं।”

शोकाकुल माता-पिता के साथ परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी थे, जिनमें मृतका के मामा और उनके वकील एस. के. पांडेय शामिल थे।

नीट अभ्यर्थी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह इसी महीने की शुरुआत में पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित छात्राओं के लिए एक निजी हॉस्टल के कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी। वह परीक्षा की कोचिंग के लिए छात्रावास में रह रही थी।

कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद उसने 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया था। परिवार ने आरोप लगाया था कि उसका यौन उत्पीड़न हुआ और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है।

बाद में पांडेय ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, “डीजीपी से केवल माता-पिता को मिलने दिया गया। वे बेहद व्यथित होकर बाहर आए। मुझे यह समझ में नहीं आता कि जब फोरेंसिक जांच में लड़की के अंतर्वस्त्र पर वीर्य के धब्बे पाए गए हैं, तब भी डीजीपी इसे बिना किसी यौन अपराध के आत्महत्या का मामला मान रहे हैं। अब हमें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा, क्योंकि पुलिस हमें न्याय नहीं दे पा रही है।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या सीबीआई जांच की मांग की जाएगी, तो उन्होंने कहा, “हमारी एकमात्र मांग न्याय है।”

मृतका के मामा ने दावा किया कि उनकी बहन और बहनोई के डीजीपी से मिलने के बाद, “हम घर लौट रहे थे, तभी मुझे एक डिप्टी एसपी मैडम का फोन आया, जिन्होंने मुझे थाने आने को कहा।”

उन्होंने आरोप लगाया, “उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला है कि मुझे मामलों की समझ है, इसलिए मैं अकेले उनसे मिलूं। लेकिन उन्होंने भी वही दोहराया, जो डीजीपी ने लड़की के माता-पिता से कहा था। पुलिस हमें इस हद तक मजबूर कर रही है कि आत्मदाह के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता।”

हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने शोकाकुल परिजनों के बयानों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया।

बार-बार कोशिशों के बावजूद, डीजीपी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए उपलब्ध नहीं हो सके।

मामले की जांच कर रही पुलिस ने हाल ही में दावा किया था कि छात्रा के कपड़ों की फोरेंसिक रिपोर्ट में, जो वह अस्पताल ले जाते समय पहने हुए थी, वीर्य के अंश पाए गए हैं। यह ताजा निष्कर्ष नीट अभ्यर्थी के साथ यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ की ओर मजबूत संकेत करता है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “फोरेंसिक रिपोर्ट में मिले वीर्य के अंशों से डीएनए प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है और इसका मिलान गिरफ्तार आरोपियों और अन्य संदिग्धों के डीएनए प्रोफाइल से किया जाएगा। इसी वजह से मामले की जांच के तहत कई लोगों के डीएनए नमूने एकत्र किए जा रहे हैं।”

भाषा कैलाश अमित

अमित


लेखक के बारे में