नीतीश ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली बैठकों से बार-बार अनुपस्थित रहने को नहीं दी तवज्जो

नीतीश ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली बैठकों से बार-बार अनुपस्थित रहने को नहीं दी तवज्जो

नीतीश ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली बैठकों से बार-बार अनुपस्थित रहने को नहीं दी तवज्जो
Modified Date: December 28, 2022 / 04:15 pm IST
Published Date: December 28, 2022 4:15 pm IST

पटना, 28 दिसंबर (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस सप्ताह के अंत में कोलकाता में होने वाली राष्ट्रीय गंगा परिषद (एनजीसी) की बैठक सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों से लगातार अनुपस्थिति को बुधवार को कुछ खास तवज्जो नहीं दी।

गौरतलब है कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री दिवंगत अरूण जेटली के जन्मदिवस पर पटना के कंकड़बाग स्थित एक पार्क में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद बातचीत में पत्रकारों ने नीतीश से नमामि गंगे कार्यक्रम में शामिल नहीं होने से जुड़े सवाल किए थे। इसपर मुख्यमंत्री ने इसे ‘कुछ भी असमान्य’ नहीं है कहकर तवज्जो नहीं दी और उदाहरण दिया कि इसकी पिछली बैठक उत्तर प्रदेश में हुई थी जिसमें उस वक्त संबंधित विभाग संभाल रहे तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने हिस्सा लिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस बार यह विभाग उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के पास है इसलिए हमने उनसे कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया। हमारी गंगा नदी को लेकर जो इच्छाएं हैं, उन बातों की चर्चा करेंगे। हम बहुत पहले से इस संबंध में यहां काम कर रहे हैं। 2017 में यहां बैठक कर और फिर दिल्ली में भी बैठक कर केन्द्र सरकार को हमने सारी बातों की जानकारी दी थी।’’

उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी जाकर सारी बातें रखेंगे। हालांकि, साथ ही नीतीश ने याद दिलाया कि वह हाल ही में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई एक बैठक में हिस्सा लिया था।

प्रदेश की यात्रा फिर से शुरु करने से जुड़े सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम पांच जनवरी से यात्रा शुरु करेंगे। एक दो दिनों में सभी जिलों से बात करके कार्यक्रम तय किया जाएगा। हर जगह जो काम हुआ है उसको देखेंगे। जहां कोई समस्या होगी उसको भी देखेंगे। हर तबके के लोगों से मुलाकात करेंगे।’’

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के खिलाफ फिर से सीबीआई जांच शुरू किए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमलोग साथ आ गए हैं इसलिए ऐसा हो रहा है।’’

भाषा अनवर अर्पणा

अर्पणा


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