HC On Teacher Transfer: अब नहीं होंगे शिक्षकों के तबादले! हाईकोर्ट ने इस वजह से ट्रांसफर पर लगाई रोक, कहा- फिलहाल जहां पोस्टिंग वहीं करनी होगी ड्यूटी

अब नहीं होंगे शिक्षकों के तबादले, हाईकोर्ट ने इस वजह से ट्रांसफर पर लगाई रोक, Patna High Court On Teacher Transfer Posting

HC On Teacher Transfer: अब नहीं होंगे शिक्षकों के तबादले! हाईकोर्ट ने इस वजह से ट्रांसफर पर लगाई रोक, कहा- फिलहाल जहां पोस्टिंग वहीं करनी होगी ड्यूटी

High Court On Teacher Transfer Posting. Image Source- IBC24 Archive

Modified Date: August 17, 2026 / 05:39 pm IST
Published Date: August 17, 2026 5:38 pm IST

पटना। High Court On Teacher Transfer Posting सरप्लस शिक्षकों के तबादले को लेकर पटना हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का निर्देश दिया है। इसके बाद सरप्लस के नाम पर जिन शिक्षकों के तबादले होने थे या जिनके स्थानांतरण को लेकर आदेश जारी किए गए थे, उन पर फिलहाल रोक रहेगी। शिक्षक जहां वर्तमान में तैनात हैं, अगले आदेश तक वहीं ड्यूटी करते रहेंगे। यह फैसला जस्टिस अजीत कुमार की सिंगल बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य में सरप्लस शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकेगी। इससे स्थानांतरण को लेकर असमंजस में चल रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।

ट्रांसफर प्रक्रिया में गड़बड़ी का उठाया गया मुद्दा

High Court On Teacher Transfer Posting सुनवाई के दौरान शिक्षकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ललित किशोर और अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार सिंह ने पक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि सरप्लस के नाम पर शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया में कई तरह की विसंगतियां और गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि इस प्रक्रिया के कारण शिक्षकों को मानसिक परेशानी के साथ-साथ व्यावहारिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ रहा है। दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फिलहाल मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया।

हजारों शिक्षकों को मिली राहत

हाईकोर्ट के इस आदेश से बिहार के उन हजारों शिक्षकों को राहत मिली है, जो सरप्लस सूची और संभावित तबादलों को लेकर चिंतित थे। अब शिक्षक अपनी वर्तमान तैनाती वाले विद्यालयों में ही कार्यरत रहेंगे और सरप्लस ट्रांसफर से जुड़े आदेश फिलहाल प्रभावी नहीं होंगे। कोर्ट के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग को भी मामले में अगली कार्रवाई करने से पहले न्यायालय के आदेश और आगे की सुनवाई का इंतजार करना होगा। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और शिक्षा विभाग मामले में अपना पक्ष किस तरह रखते हैं और आगे कोर्ट का क्या रुख रहता है। फिलहाल हाईकोर्ट के स्टेटस-को के आदेश ने सरप्लस ट्रांसफर की प्रक्रिया पर विराम लगा दिया है और शिक्षकों को बड़ी राहत दी है।

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