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UPI Payment Charges: क्या UPI इस्तेमाल करना अब पड़ेगा भारी? Google Pay, PhonePe यूजर्स के लिए 2,000 रुपये वाले नियम की क्या है सच्चाई?

UPI Payment Charges: UPI से भुगतान करना अभी भी ग्राहकों के लिए पूरी तरह मुफ्त है। 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर भी फिलहाल कोई MDR शुल्क नहीं लिया …

(UPI Payment Charges/ Image Credit: AI-generated)

(UPI Payment Charges/ Image Credit: AI-generated)

Chandrakant Dewangan
Published: 17 Aug 2026 | 3:03 pmModified: 17 Aug 2026 | 3:06 pm
HIGHLIGHTS
  1. ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट अभी मुफ्त है।
  2. MDR सीधे ग्राहक से नहीं लिया जाता।
  3. ₹2,000 की नई MDR लिमिट तय नहीं हुई है।

नई दिल्ली: UPI Payment Charges: यूपीआई से पेमेंट करने वाले करोड़ों लोगों के बीच इन दिनों MDR यानी Merchant Discount Rate को लेकर चर्चा है। सबसे ज्यादा सवाल 2,000 रुपये की लिमिट (UPI Payment Charges) को लेकर उठ रहे हैं। हालांकि, अभी सरकार ने यह आधिकारिक तौर पर नहीं कहा है कि 2,000 रुपये से ज्यादा के हर UPI भुगतान पर MDR लगाया जाएगा। यह आंकड़ा पहले की UPI प्रोत्साहन योजना से जुड़ा है।

2,000 रुपये की लिमिट कहां से आई?

सरकार ने छोटे कारोबारियों में डिजिटल पेमेंट (UPI Payment Charges) को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। वित्त वर्ष 2024-25 में 2,000 रुपये तक के छोटे-मर्चेंट UPI लेनदेन पर भुगतान मूल्य का 0.15 प्रतिशत तक प्रोत्साहन दिया जाता था। इसका मकसद UPI से जुड़े बैंकों और भुगतान संस्थानों की लागत को कुछ हद तक पूरा करना था। इसी वजह से 2,000 रुपये का आंकड़ा अब MDR की चर्चा में भी सामने आ रहा है।

क्या 2,000 रुपये से ज्यादा पेमेंट पर चार्ज लगता है?

फिलहाल इसका जवाब नहीं है। अगर आप 2,000 रुपये से ज्यादा का UPI भुगतान करते हैं तो केवल रकम ज्यादा होने की वजह से MDR नहीं लगता। पुरानी योजना में 2,000 रुपये की सीमा प्रोत्साहन पाने के लिए थी, न कि ग्राहक से शुल्क लेने के लिए। इसलिए दोनों बातों को एक समझना सही नहीं होगा।

MDR क्या होता है?

MDR यानी Merchant Discount Rate डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले कारोबारी से लिया जाने वाला शुल्क है। यह सीधे ग्राहक से वसूला जाने वाला चार्ज नहीं होता। मौजूदा चर्चा में जोर इस बात पर है कि UPI को आम ग्राहकों के लिए मुफ्त रखा जाए और अगर भविष्य में MDR लागू हो तो इसे कुछ खास मर्चेंट लेनदेन तक सीमित किया जाए।

2,000 रुपये की चर्चा क्यों तेज है?

इसकी एक बड़ी वजह UPI लेनदेन (UPI Payment Charges) का आंकड़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 में 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI P2M भुगतान संख्या में करीब 4 प्रतिशत थे, लेकिन कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में उनका हिस्सा लगभग दो-तिहाई था। यानी दूध, सब्जी, किराना और छोटी दुकानों के ज्यादातर भुगतान छोटी रकम के होते हैं। जबकि बड़े भुगतान कम संख्या में होने के बावजूद ज्यादा मूल्य के होते हैं।

क्या आम यूजर को देने होंगे पैसे?

अभी ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है और सरकार का रुख UPI को ग्राहकों के लिए मुफ्त रखने का है। अगर भविष्य में MDR लागू होता है तो यह मुख्य रूप से मर्चेंट साइड का शुल्क होगा। 2,000 रुपये को लेकर अभी किसी अंतिम नियम की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए इसे तय शुल्क सीमा मानना गलत होगा।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

उत्तर: नहीं, फिलहाल सिर्फ ₹2,000 से ज्यादा भुगतान करने पर कोई MDR नहीं लगता।

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लेखक के बारे में

Chandrakant Dewangan
Chandrakant Dewangan

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।

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Web Title: UPI Payment Charges: Will using UPI now become costly? What is the truth behind the ₹2,000 rule for Google Pay and PhonePe users?

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