Nisha Mishra Bihar : साड़ी पहनकर फतह की एशिया की सबसे मुश्किल रेस! बिहार की बेटी का हैरतअंगेज स्टंट देख आप ही रह जाएंगे दंग

Nisha Mishra ने पारंपरिक साड़ी पहनकर कठिन बाधा दौड़ पूरी कर सोशल मीडिया पर खूब सराहना बटोरी। उनका वीडियो महिलाओं के आत्मविश्वास और क्षमता का प्रतीक बन गया है।

Nisha Mishra Bihar : साड़ी पहनकर फतह की एशिया की सबसे मुश्किल रेस! बिहार की बेटी का हैरतअंगेज स्टंट देख आप ही रह जाएंगे दंग

Nisha Mishra Bihar / Image Source : X

Modified Date: March 19, 2026 / 05:21 pm IST
Published Date: March 19, 2026 5:05 pm IST
HIGHLIGHTS
  • साड़ी पहनकर कठिन ऑब्स्टेकल रेस पूरी
  • दीवार, रस्सी और बर्फीले पानी की बाधाएँ पार कीं
  • सोशल मीडिया पर ‘साड़ी सुपरवुमन’ के नाम से वायरल

पटना: Nisha Mishra Bihar खेल के मैदान पर आमतौर पर फुर्ती और बेहतर प्रदर्शन के लिए खास स्पोर्ट्स वियर पहने जाते हैं, ताकि दौड़ने-भागने और स्टंट करने में आसानी हो। लेकिन बिहार की निशा मिश्रा ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। निशा इन दिनों सोशल मीडिया पर एक खास वजह से छाई हुई हैं। उन्होंने एशिया की सबसे कठिन बाधा दौड़ (Obstacle Race) को किसी स्पोर्ट्स ड्रेस में नहीं, बल्कि पारंपरिक साड़ी पहनकर पूरा किया है।

साड़ी पहनकर किया टास्क

निशा मिश्रा के वायरल वीडियो में उन्हें साड़ी पहनकर वो तमाम मुश्किल टास्क करते देखा जा सकता है, जो अच्छे-अच्छे एथलीट्स के लिए चुनौती होते हैं। Nisha Mishra Bihar इस रेस में तेज दौड़ना, ऊंची दीवारें फांदना, रस्सी पर चढ़ना, लटकते जालों को पार करना और यहाँ तक कि बर्फीले पानी के पूल में कूदना शामिल था। निशा ने इन सभी बाधाओं को साड़ी में बड़ी सहजता और आत्मविश्वास के साथ पार किया।

 

‘मीडिया ‘ से बातचीत में निशा ने बताया कि उनका उद्देश्य भारतीय और विशेषकर ग्रामीण महिलाओं का प्रतिनिधित्व करना था। Nisha Mishra Bihar  वह उन महिलाओं को संदेश देना चाहती थीं जो रोजमर्रा की जिंदगी में साड़ी या पारंपरिक परिधान पहनती हैं। निशा का यह साहसिक कदम उन लोगों के लिए एक कड़ा जवाब है जो महिलाओं की काबिलियत को उनके कपड़ों से आंकते हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर निशा की इस जांबाजी की जमकर तारीफ हो रही है। यूजर्स उन्हें ‘साड़ी वाली सुपरवुमन’ बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “आपने साबित कर दिया कि कपड़े कभी भी काबिलियत की राह में रोड़ा नहीं बन सकते।” निशा मिश्रा की यह उपलब्धि आज देश की करोड़ों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..