दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में फंसे बिहार के 1600 लोगों पर है पुलिस की नजर

दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में फंसे बिहार के 1600 लोगों पर है पुलिस की नजर

दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में फंसे बिहार के 1600 लोगों पर है पुलिस की नजर
Modified Date: May 15, 2026 / 10:08 pm IST
Published Date: May 15, 2026 10:08 pm IST

पटना, 15 मई (भाषा) दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की यात्रा पर गए बिहार के करीब 1600 लोग वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी वहीं रह रहे हैं और उन पर राज्य के युवाओं को साइबर ठगी के जाल में फंसाने का आरोप है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

बिहार पुलिस के साइबर अपराध एवं सुरक्षा प्रकोष्ठ के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) रणजीत कुमार मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा, “संबंधित अधिकारी और साइबर अपराध एवं सुरक्षा प्रकोष्ठ द्वारा किए गए डाटा विश्लेषण से पता चला है कि साइबर गुलामी से जुड़े अधिकांश मामलों की जड़ें दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों — कंबोडिया, म्यांमार, थाईलैंड, वियतनाम और लाओस — में हैं।”

उन्होंने कहा, “हम करीब 1600 ऐसे यात्रियों का विवरण एकत्र कर रहे हैं, जो बिहार से इन देशों में गए थे, लेकिन वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहीं रह रहे हैं।”

प्रकोष्ठ के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि ये लोग बिहार के युवाओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं। उन्होंने कहा, “इन देशों का इस्तेमाल साइबर ठगी करने वाले गिरोह बिहार के युवाओं को साइबर अपराधों में शामिल करने के लिए आधार केंद्र के रूप में कर रहे हैं।”

अधिकारी ने बताया कि प्रकोष्ठ ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में बढ़ते नौकरी घोटालों को लेकर युवाओं को आगाह किया है और नौकरी के प्रस्तावों तथा एजेंटों की अच्छी तरह जांच-पड़ताल करने की सलाह दी है।

उन्होंने कहा, “हम ऐसे 39 एजेंटों का भी विवरण जुटा रहे हैं, जो इस तरह की अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं।”

भाषा कैलाश

राजकुमार

राजकुमार


लेखक के बारे में