बिहार में रालोमो विधायक ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग दोहराई

बिहार में रालोमो विधायक ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग दोहराई

बिहार में रालोमो विधायक ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग दोहराई
Modified Date: April 16, 2026 / 08:11 pm IST
Published Date: April 16, 2026 8:11 pm IST

पटना, 16 अप्रैल (भाषा) बिहार में मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के दो दिन बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के विधायक माधव आनंद ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून की व्यापक समीक्षा की मांग बृहस्पतिवार को दोहराई और इसके लिए राजस्व के नुकसान का हवाला दिया।

बिहार निषेध एवं उत्पाद अधिनियम-2016, जो नीतीश नीत पिछली सरकार की प्रमुख नीतियों में से एक है, राज्य में शराब और अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, बिक्री, भंडारण और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है।

आनंद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, “बिहार जैसे भू-आवेष्ठित (लैंडलॉक्ड) राज्य, जहां राजस्व की कमी है, वहां सरकार ने पिछले 10 वर्षों तक शराबबंदी कानून को बनाए रखने में पर्याप्त साहस दिखाया है।”

उन्होंने कहा, “इस कानून के कारण बिहार का पैसा दूसरे राज्यों में और नेपाल जा रहा है। राज्य को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। दस साल लंबा समय होता है और अब हमें शराब कानून की व्यापक समीक्षा करनी चाहिए।”

आनंद ने दावा किया कि लोग अब शराब के सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को और जागरूक करने की दिशा में काम करने की जरूरत है, बजाय इसके कि केवल प्रतिबंध जारी रखा जाए।

भाषा

कैलाश पारुल

पारुल


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