सारण के पदाधिकारी के निष्कासन पर रोहिणी आचार्य ने राजद के केंद्रीय नेतृत्व पर साधा निशाना
सारण के पदाधिकारी के निष्कासन पर रोहिणी आचार्य ने राजद के केंद्रीय नेतृत्व पर साधा निशाना
पटना, नौ जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद की नाराज बेटी रोहिणी आचार्य ने सारण जिले के एक पार्टी पदाधिकारी के निष्कासन को लेकर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी ईमानदार जमीनी कार्यकर्ता या जिला स्तर के पदाधिकारी को बिना किसी ठोस कारण के निशाना बनाना ‘‘पूरी तरह गलत’’ है और यह पार्टी के हित में नहीं है।
रोहिणी आचार्य ने बृहस्पतिवार को राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का नाम लिए बिना सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सारण जिला के पार्टी प्रवक्ता हरेलाल यादव को अनुशासनहीनता के मनगढ़ंत आरोपों में छह वर्ष के लिए निष्कासित करना उन लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण कार्रवाई है, जो पार्टी और संगठन के भीतर रहकर लगातार उसे कमजोर करने और उसके साथ विश्वासघात करने का काम कर रहे हैं।’’
उन्होंने लिखा, ‘‘मैं फिर दोहराती हूं कि किसी निर्दोष, ईमानदार और जमीनी कार्यकर्ता या किसी भी जिला स्तरीय पदाधिकारी को बिना किसी उचित कारण के निशाना बनाना पूरी तरह गलत है और यह पार्टी के हित में नहीं है।’’
रोहिणी ने कहा, ‘‘यदि संजय यादव या उनके जैसे लोगों पर सवाल उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी है, तो पहले मेरे खिलाफ कार्रवाई करने का साहस दिखाइए। मैं अभी भी पार्टी की सदस्य हूं और संजय यादव, रमीज तथा सुनील सिंह जैसे लोगों के चंगुल से पार्टी को मुक्त कराने के लिए अपनी आवाज उठाती रहूंगी। मैं लालू जी की बेटी हूं, गलत के सामने कभी नहीं झुकूंगी। जो लोग मेरे साथ हैं, वे निष्कासन के डर के बिना मजबूती से मेरा साथ देते रहेंगे।’’
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव में राजद की करारी हार और यादव परिवार के भीतर मतभेदों के बाद रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने तथा परिवार से संबंध समाप्त करने की घोषणा की थी। अपने पिता लालू प्रसाद को किडनी दान करने के कारण सुर्खियों में आईं रोहिणी ने 2024 का सारण लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। बिहार विधानसभा में राजद की सीटों की संख्या 75 से घटकर 24 रह गई थी।
रोहिणी ने सवाल किया, ‘‘क्या अब राजद में पार्टी के हित में सच बोलने और ईमानदारी तथा प्रतिबद्धता के साथ संगठन को मजबूत करने वालों के लिए कोई जगह नहीं बची है? सारण में पार्टी की पूरी जिला इकाई ऐसे लोगों के हाथों में चली गई है, जो खुद को पार्टी हितैषी बताकर वास्तव में उसके राजनीतिक विरोधियों के इशारों पर काम करते हैं और चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहते हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि सारण के सभी विधायक और पार्टी पदाधिकारी पूरी तरह निष्क्रिय बने रहे, जबकि पार्टी के हित में जनता के बीच काम करने तथा सुख-दुख में कार्यकर्ताओं, समर्थकों और सदस्यों के साथ खड़े रहने वाले लोगों को ‘‘निष्क्रिय और षड्यंत्रकारी तत्व’’ निशाना बना रहे हैं।
भाषा कैलाश मनीषा
मनीषा

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