सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास को गति देगा वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम: डॉ. एन. विजयलक्ष्मी

सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास को गति देगा वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम: डॉ. एन. विजयलक्ष्मी

सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास को गति देगा वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम: डॉ. एन. विजयलक्ष्मी
Modified Date: April 16, 2026 / 02:14 pm IST
Published Date: April 16, 2026 2:14 pm IST

पटना, 16 अप्रैल (भाषा) बिहार के योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम–दो, सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र और सतत विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के क्रियान्वयन में समन्वित प्रयास, डेटा-आधारित और फील्ड स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति हो सके।

डॉ. विजयलक्ष्मी यहां “वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दूसरे चरण के कार्यान्वयन” पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और निगरानी तंत्र को सुदृढ़ बनाना है।

गृह विभाग की विशेष सचिव के. एस. अनुपम ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने पर बल दिया। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के उपमहानिरीक्षक मुकेश कुमार ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विकासात्मक गतिविधियां स्थानीय समुदाय के विश्वास और सहभागिता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यशाला में सीमावर्ती जिलों पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया और सहरसा के जिला पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अन्य अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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