S 400 एयर डिफेंस सिस्टम की सप्लाई शुरू, China को उसकी औकात दिखाएगा India

भारत को रूस से s 400 Air Defence Missile System की डिलीवरी शुरू हो गई है....ये सिस्टम चीन और पाकिस्तान दोनों की गर्दन एक साथ दबोच सकेगा

Edited By: , December 2, 2021 / 02:50 PM IST

S 400 Air Defence System; All you need to know

आज एक बार फिर हम चीन पाकिस्तान की बात करने जा रहे हैं क्योंकि फिर से एक खास मौका आ गया है…
चीन और पाकिस्तान से युद्ध की आशंका के बीच आखिरकार भारत को मजबूत रक्षा कवच मिलने जा रहा है… इसके बाद भारत एक ही बार में पाकिस्तान और चीन की हेकड़ी निकालने में ज्यादा सक्षम हो जाएगा…. जी हैं भारत को रूस से s 400 Air Defence Missile System की डिलीवरी शुरू हो गई है….ये सिस्टम चीन और पाकिस्तान दोनों की गर्दन एक साथ दबोच सकेगा… पिछले कुछ दिनों से सीमा पर चीन तनाव बढ़ा रहा था और आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था लेकिन अब बारी है भारतीय फौजों के आगे बढ़कर चीन को दबोचने की….

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रूस से भारत को एकदम नई तकनीक वाले शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम- एस 400 की डिलीवरी शुरू हो गई है… अक्टूबर 2019 में भारत ने रूस से करीब 40 हजार करोड़ रुपये खर्च कर पांच एस-400 सिस्टम खरीदने का समझौता किया था… इस सिस्टम के तैनात हो जाने से भारत की सीमाएं अभेद्य हो जाएंगी. रूस की ओर से बताया गया है कि एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को समुद्री और हवाई मार्ग से भारत भेजा जा रहा है… जमीन से हवा में मार करने वाले इस सिस्टम के कारण भारत की मारक क्षमता और बढ़ जाएगी. माना जा रहा है कि S-400 की पहली यूनिट को भारत पाकिस्तान सीमा पर तैनात किया जाएगा इस सुपसोनिक एयर डिफेंस सिस्टम में सुपरसोनिक एवं हाइपरसोनिक दोनो ही तरह की मिसाइलें होती हैं जो तेज से तेज लड़ाकू हवाई जहाजों को गिराने में सक्षम हैं… इस Air Defence Missile System को दुनिया के बेहतरीन एंटी एयरक्राफ्ट सिस्टम में गिना जाता है…. इसमें लगी सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें 400 किलोमीटर के भीतर आने वाले दुश्मन देश के लड़ाकू विमानों, ड्रोन्स, मिसाइलों या सामान्य राडार से बच रहे विमानों का पता लगाकर उन्हें नष्ट कर सकती है. यानी कह सकते हैं कि इसकी मदद से… आसानी से ….पकड़ में नहीं आने वाले लड़ाकू विमान…. आसानी से….. गिराए जा सकते हैं। इसको रूस का सबसे एडवांस लॉन्ग रेंज सिस्टम माना जाता है। यह एक ही राउंड में लगातार 36 बार हमला करने में सक्षम है। वहीं एक साथ 300 टारगेट को ट्रैक कर सकता है। यह ट्रैकिंग 600 किमी के दायरे में हो सकती है….बड़ी बात यह है कि एक ही समय में यह 400 किमी तक 36 टारगेट को एक साथ नष्ट कर सकती है। इसे तैनात करने में पांच मिनट लगते हैं।

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S-400 की खूबियों के बारे में बताया जाता है कि इसके लांचर से दुश्मन के विमान या मिसाइल पर तीन सेंकड में दो मिसाइलें छोड़ी जा सकती हैं…ये मिसाइलें प्रति सेकंड 5 किलोमीटर की स्पीड से 35 किलोमीटर की ऊंचाई तक वार कर सकती हैं. रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि इसके आने से भारत की उत्तरी, उत्तर पूर्वी और उत्तर पश्चिमी सीमा को पर्याप्त सुरक्षा मिलेगी….

एस-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी के साथ ही एक नया पेंच भी फंसाने की कोशिश की जा रही है…. अमरीका की नीतियों के तहत रूस से इस तरह के हथियारों की खरीद करने पर अमरीका भारत पर प्रतिबंध लगा सकता है….अमरीका के एक वर्ग समेत चीन की कोशिश होगी कि भारत पर अमरीकी कानूनों के तहत प्रतिबंध लगावा दिया जाए…इसके लिए बकायदा लॉबिंग भी शुरू हो चुकी है….अमेरिका ने यह कानून अपने प्रतिद्वंद्वियों के विरोध के लिए दंडात्मक अधिनियम के रूप में बनाया है।
हालांकि भारत सरकार ने भी अपने पक्ष में पर्याप्त माहौल बना रखा है…आपको याद होगा जब एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद की बात चली थी तब अमरीका ने भी अपने सिस्टम को खरीदने के लिए भारत को प्रस्ताव दिया था पर भारत ने रूस के सिस्टम को बेहतर मानते हुए उसके साथ समझौता किया….भारत को चीन से मुकाबले के लिए इस सिस्टम की जरूरत है…चीन के पास यह सिस्टम पहले से ही है पर समझौते के मुताबिक रूस…. चीन से ज्यादा एडवांस और प्रभावी सिस्टम भारत को दे रहा है और वह यह सिस्टम चीन को नहीं बेचेगा…. कई मौकों पर अमेरिकी प्रशासन ने भारत को रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम न खरीदने की अपील भी की थी। अमरीका के तमाम दबाव के बाद भी भारत ने साफ कर दिया था कि रूस के साथ उसके पुराने संबंध हैं और वह इस सौदे को रद्द नहीं करेगा भले ही अमरीका भारत के खिलाफ कार्रवाई करे…..इसके बाद अमरीका में भारत को छूट देने की मांग भी उठने लगी है क्योंकि चीन को नियंत्रित करने के अमरीकी प्रयासों में भारत की प्रमुख भूमिका हो सकती है….।

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वैसे इस बात की संभावना बहुत कम है कि अमरीका भारत पर कोई प्रतिबंध लगाए… रूस से भारत ने यह रक्षा सौदा किया है तो अमरीका से भी कई तरह के हथियारों के लिए समझौता किया है… भारत ने अमेरिका से अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, चिनूक , एमएच-60 आर रोमियो हेलिकॉप्टर, और पी-8 आई विमानों की खरीद समेत कई समझौते किए हैं… चीन से रोज रोज मिल रही नई – नई चुनौतियों के बीच भारत पर प्रतिबंध लगाकर अमरीका अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारेगा….
वैसे आपको बता दें कि अमेरिकी संसद में कई बार भारत को प्रतिबंध वाले कानून से छूट देने की मांग उठ चुकी है। ओबामा से लेकर ट्रंप और अब बाइडन के शासनकाल में वहां के प्रशासन ने भारत के प्रति नरमी ही दिखाई है…..अमरीका जरूरत पड़ने पर अपने इस कानून में संशोधन करके भारत को छूट देगा…तो अब हमको अमरीका की चिंता करने की जरूरत नहीं है…
एक ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि साल 2020 में चीन ने ढाई सौ मिसाइलों का परीक्षण किया है। यह पूरी दुनिया में हुए सभी मिसाइल परीक्षणों से भी ज्‍यादा है। ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्‍स की रिपोर्ट के हवाले से कहा जा रहा है कि चीन के महाविनाशक हथियारों को बनाने से दुनिया में भूराजनीतिक ताकत की दृष्टि से अब तक का सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
ऐसे में चीन और पाकिस्तान को हम अब किस तरह ठिकाने लगा सकेंगे इसको लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं…. चीन का क्या होगा जब यह सिस्टम भारत की धरती पर लग जाएगा….बहुत संभावना है कि भारत के खिलाफ आक्रामकता दिखा रहा चीन फिलहाल जरा पीछे हटे और युद्ध की आशंका कुछ समय के लिए टल जाए…हालांकि चीन इसकी काट जुटाने की कोशिश तो जरूर करेगा….रूस और भारत के बीच करार के मुताबिक भारत को एस 400 सिस्टम इसी साल के अंत तक यानी एक महीने में मिल जाएगा…इसके आ जाने के बाद भारतीय फौजों का हौसला और बुलंद होगा और वह ज्यादा आक्रामक ढंग से चीनियों से निपटेगी… कहा जा रहा है कि चीन पिछले दिनो में जिन इलाकों से पीछे हटा था वहां वापस आ गया है और अपने टेंट गाड़ लिए हैं… ऐसे में भारतीय सेना भी उन इलाकों पर दोबारा कब्जा करेगी जहां से समझौते के तहत वह पीछे हटी थी…..कुल मिलाकर चीन की चाल अब नहीं चलेगी….रहा पाकिस्तान का सवाल तो उसे भले ही चीन ने भारत को घेरने के लिए अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम दे दिए हैं पर एस 400 के सामने वह खिलौने की तरह ही लगेंगे….यानी अब पाकिस्तान और चीन के नेताओं को अपनी गद्दी बचाए रखने के लिए युद्ध करना पड़ा तो उसकी भारी कीमत उन्हें चुकानी होगी….भारत अब दो मोर्चे पर एक साथ युद्ध के लिए तैयार हो रहा है….अपने खुद के एयर डिफेंस सिस्टम तो भारत के पास पहले से ही हैं पर एस 400 के आ जाने से उसकी मारक क्षमता इतनी बढ़ जाएगी कि चाइना और पाकिस्तान दोनों तरफ से एक साथ उड़ने वाले लड़ाकू विमानों को एक साथ ही हवा में उड़ाया जा सकेगा… इस सिस्टम की पहली यूनिट को इस साल के अंत तक ऑपरेशनल किया जा सकता है।

तो अब आप भारत के नए तेवर देखने के लिए तैयार हो जाएं…अब तक चीन की चाल के आगे जरा संभलकर और जरा रक्षात्मक चल रहे भारत की बारी है कि वह अब ज्यादा आक्रामक हो …..देखना होगा चीन इस सिस्टम की ताकत जांचने के लिए अपने पिट्ठू पाकिस्तान को भारत से झगड़े के लिए पहले आगे करता है या फिर खुद आगे आता है…