Bachelor Room Rent Law: बैचलर्स को नहीं दिया किराये पर मकान तो होगी कानूनी कार्रवाई!.. यहाँ के कोर्ट ने कहा, मना करना ‘अवैध और असंवैधानिक’..

Bachelor Room Rent Law : यह निर्णय एक महिला द्वारा दायर शिकायत पर सुनवाई करते हुए आया, जिसे केवल अविवाहित होने के कारण किराए का घर देने से इनकार कर दिया गया था।

Bachelor Room Rent Law: बैचलर्स को नहीं दिया किराये पर मकान तो होगी कानूनी कार्रवाई!.. यहाँ के कोर्ट ने कहा, मना करना ‘अवैध और असंवैधानिक’..

Bachelor Room Rent Law || Image- Shutterstock File

Modified Date: February 5, 2026 / 10:04 am IST
Published Date: February 5, 2026 10:02 am IST
HIGHLIGHTS
  • बैचलर्स को मकान न देना अवैध
  • लोकपाल कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
  • समानता और गरिमा पर जोर

इस्लामाबाद: भारत जैसे प्रगतिशील देश में अविवाहितों के लिए सबसे बड़ी समस्या किराये का मकान ढूंढना है। हालांकि इसे लेकर पड़ोसी देश पाकिस्तान से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। (Bachelor Room Rent Law) वहां के एक लोकपाल कोर्ट ने इसे ‘अवैध और असंवैधानिक’ बताया है।

आवास प्रतिबंध”अवैध और असंवैधानिक”

दरअसल इस्लामाबाद में उत्पीड़न से सुरक्षा के लिए संघीय लोकपाल ने अविवाहित और कुंवारे व्यक्तियों पर लगाए गए आवास प्रतिबंधों को “अवैध और असंवैधानिक” घोषित किया है। संघीय लोकपाल फौजिया वकार ने फैसला सुनाया कि किसी भी व्यक्ति को आवासीय संपत्ति किराए पर लेने से रोकने वाली कोई भी नीति गैरकानूनी है।

बता दें कि, यह निर्णय एक महिला द्वारा दायर शिकायत पर सुनवाई करते हुए आया, जिसे केवल अविवाहित होने के कारण किराए का घर देने से इनकार कर दिया गया था। लोकपाल की जांच में पता चला है कि, महिला किरायेदार को परेशान करने के लिए बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को जानबूझकर काट दिया गया था।

सुलझ गया शिकायतकर्ता का मामला

इस फैसले में इस बात पर जोर दिया गया कि वैवाहिक स्थिति या लिंग किसी व्यक्ति को घर किराए पर लेने के अधिकार से वंचित करने का कानूनी आधार नहीं हो सकता। (Bachelor Room Rent Law) लोकपाल ने कहा कि इस तरह के भेदभावपूर्ण प्रतिबंध समानता, मानवीय गरिमा और निवास की स्वतंत्रता सहित मौलिक संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। कोर्ट की इन टिप्पणियों को औपचारिक रूप से संघीय और प्रांतीय अधिकारियों, किराया नियंत्रकों, आवास नियामकों, स्थानीय सरकारों और सभी संबंधित हितधारकों को भेज दिया गया है। शिकायतकर्ता का मामला सुलझ गया है और मामले का औपचारिक रूप से निपटारा कर दिया गया है।

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