Bhojshala Supreme Court: भोजशाला विवाद पर SC में सुनवाई.. कोर्ट ने तय किया समय, जानें कब होगी बसंत पंचमी की पूजा और कब पढ़ी जाएगी नमाज..
Bhojshala Supreme Court: अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि भोजशाला में पूजा और नमाज के दौरान किसी तरह का तनाव पैदा न हो इसके लिए तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाये। बैरकेडिंग की जाये और दोनों पक्षों के लोगों के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकासी के रास्ते तय किये जाए।
Bhojshala Supreme Court || Image- Bar and Bench File
- भोजशाला में पूजा और नमाज दोनों की अनुमति
- सुप्रीम कोर्ट ने समय निर्धारण किया
- बसंत पंचमी पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
नई दिल्ली: भोजशाला मस्जिद विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। (Bhojshala Supreme Court) हिन्दू पक्ष की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु जैन जबकि मस्जिद कमेटी पक्ष से सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने पैरवी की। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी पर पूजा और नमाज के लिए व्यवस्था कर दी है।
क्या थी दोनों पक्ष की दलीलें
इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान मस्जिद कमेटी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने कहा कि एएसआई की रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे चलता रहेगा और नमाज़ दोपहर 1 से 3 बजे तक होगी, जबकि पूजा बाकी समय में हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले तीन बार इसी तरह के इंतजाम किए जा चुके हैं, इसलिए यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। उन्होंने कहा कि, नमाज केवल दोपहर में है। हम दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच परिसर खाली कर देंगे। इस पर न्यायमूर्ति बागची ने कहा “मुहूर्त दोपहर 1 बजे तक है।” पूजा दोपहर 1 बजे तक पूरी हो जाए, उसके बाद नमाज होगी। अधिवक्ता विष्णु जैन ने कहा, “लेकिन मुहूर्त सूर्योदय से सूर्यास्त तक है।” उन्होंने मांग की कि उस दिन भोजशाला में सिर्फ पूजा हो और नमाज़ को शाम 5 बजे के बाद कराया जाए।
कोर्ट ने तय किया समय
इस पूरे सुनवाई के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भोजशाला में सरस्वती पूजा और नमाज दोनों का आयोजन होगा। (Bhojshala Supreme Court) सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए समय तय कर दिया है। नई व्यवस्था के मुताबिक मुस्लिम समुदाय दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे तक जुमे की नमाज अदा कर सकेगा। वही नमाज के समय को छोड़कर बाकी समय हिंदू पक्ष पूजा-अर्चना कर पाएगा।
अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि भोजशाला में पूजा और नमाज के दौरान किसी तरह का तनाव पैदा न हो इसके लिए तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था की जाये। (Bhojshala Supreme Court) बैरकेडिंग की जाये और दोनों पक्षों के लोगों के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकासी के रास्ते तय किये जाए।
#BreakingNews | The Supreme Court has directed arrangements at Bhojshala, Madhya Pradesh, to allow both Hindu and Muslim worshippers to observe their rituals peacefully on Basant Panchami, with Friday prayers scheduled from 1–3 pm and Hindu rituals allowed throughout the day.… pic.twitter.com/PBt6cZVYtu
— DD News (@DDNewslive) January 22, 2026
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