CG Govt Hospitals: ब्लड टेस्ट, सोनोग्राफी सहित सभी जांच होंगे निशुल्क, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर बड़े अस्पताल में लागू होगी व्यवस्था, साय सरकार का बड़ा फैसला
Chhattisgarh Government Hospitals: छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में इलाज और जांच व्यवस्था को लेकर एक बड़ी और अहम पहल की जा रही है।
government hospital/ image source: IBC24
- सरकारी अस्पतालों में जांच सिस्टम बदलेगा
- पैथोलॉजी-रेडियोलॉजी HLL के हवाले
- सभी मेडिकल जांच रहेंगी निशुल्क
रायपुर: CG Govt Hospitals छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में इलाज और जांच व्यवस्था को लेकर एक बड़ी और अहम पहल की जा रही है। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश के CG Govt Hospitals में पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच प्रणाली को पूरी तरह बदलने का फैसला किया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि अब सरकारी अस्पतालों में होने वाली सभी तरह की पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम एचएलएल (HLL) कंपनी के माध्यम से कराई जाएंगी।
Shyam Bihari Jaiswal: सरकारी अस्पतालों में जांच सिस्टम बदलेगा
CG Govt Hospitals स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत जांच से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां एचएलएल कंपनी की होंगी। कंपनी CG Govt Hospitals में आवश्यक मशीनें, उपकरण, रीजेंट और मैनपॉवर स्वयं उपलब्ध कराएगी। इसके बदले राज्य सरकार द्वारा प्रति जांच के आधार पर भुगतान किया जाएगा। फिलहाल प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में इन जांचों पर सालाना करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, जिसे अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से उपयोग में लाने का लक्ष्य रखा गया है।
Chhattisgarh Health Department: पैथोलॉजी-रेडियोलॉजी HLL के हवाले
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ मरीजों को मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी CG Govt Hospitals में मरीजों के लिए पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी से जुड़ी सभी जांच पूरी तरह निशुल्क रहेंगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल और बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पतालों तक यह व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मरीजों को समान सुविधा मिल सकेगी।
अब तक CG Govt Hospitals में जांच व्यवस्था से जुड़ी कई समस्याएं सामने आती रही हैं। कहीं मशीनें खराब रहती थीं तो कहीं रीजेंट की कमी के कारण जांच नहीं हो पाती थी। कई बार प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को निजी जांच केंद्रों में भटकना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मशीन खराब होने, रीजेंट खत्म होने या मैनपॉवर की कमी जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
HLL Lifecare Diagnostics: मशीन-रीजेंट समस्या होगी खत्म
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एचएलएल जैसी केंद्र सरकार की सार्वजनिक उपक्रम कंपनी के जुड़ने से गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों में सुधार होगा। जांच रिपोर्ट समय पर मिलने से डॉक्टरों को सही इलाज तय करने में मदद मिलेगी, जिससे मरीजों के इलाज की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। साथ ही, निजी जांच केंद्रों पर मरीजों की निर्भरता कम होगी और उनकी जेब पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी घटेगा।
Pathology and Radiology Tests: क्या है HLL ?
HLL (HLL Lifecare Limited) भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एक मिनी रत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जिसकी स्थापना वर्ष 1966 में हुई थी। यह कंपनी देश में गर्भनिरोधक उत्पादों, महिला स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं, सर्जिकल व अस्पताल आपूर्ति के साथ-साथ किफायती डायग्नोस्टिक और स्वास्थ्य सेवा समाधान उपलब्ध कराती है। HLL देश-विदेश में कंडोम जैसे गर्भनिरोधक उत्पादों के निर्माण में अग्रणी है, AMRIT फार्मेसी के जरिए सस्ती दवाएं उपलब्ध कराती है और HINDLABS के माध्यम से विश्वसनीय पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी जांच सेवाएं देती है। समय के साथ यह संस्था जनसंख्या नियंत्रण तक सीमित न रहकर एक व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के रूप में विकसित हुई है और भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है।


Facebook


